इंदौर | इंदौर में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एक कनिष्ठ यंत्री को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। लोकायुक्त के अनुसार यह कार्रवाई शिकायत के सत्यापन के बाद ट्रैप ऑपरेशन के तहत की गई। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
लोकायुक्त पुलिस के मुताबिक यह कार्रवाई महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देश, उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन तथा पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के नेतृत्व में संपन्न हुई। कार्रवाई के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
सोलर पैनल की फाइल आगे बढ़ाने के बदले मांगे थे 80 हजार रुपये
लोकायुक्त पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता शिवप्रकाश बसवाल, जो बिल्डर एवं होटल व्यवसायी हैं, ने 17 जुलाई को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि अम्बे नगर स्थित जीआर-7 होटल भवन पर सोलर पैनल लगाने से संबंधित फाइल को आगे बढ़ाने के बदले कनिष्ठ यंत्री नमेश कुमार भोंडेकर ने 80 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि रिश्वत की राशि दिए बिना फाइल आगे नहीं बढ़ाई जा रही थी। इसके बाद उन्होंने मामले की जानकारी लोकायुक्त पुलिस को दी और कार्रवाई की मांग की।
शिकायत का सत्यापन हुआ, फिर तैयार हुई पूरी रणनीति
लोकायुक्त पुलिस के अनुसार शिकायत मिलने के बाद सबसे पहले आरोपों का सत्यापन कराया गया। सत्यापन में शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई। इसके बाद निरीक्षक सचिन पटेरिया के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। पूरी कार्रवाई गोपनीय तरीके से तैयार की गई ताकि आरोपी को इसकी भनक न लग सके।
40 हजार रुपये लेते ही टीम ने दबोच लिया
शनिवार को लोकायुक्त की टीम शिकायतकर्ता के साथ आरोपी के कार्यालय पहुंची। कार्रवाई के दौरान आरोपी कनिष्ठ यंत्री को सुखलिया जोन कार्यालय में शिकायतकर्ता से 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया। लोकायुक्त टीम ने मौके पर ही आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी। इस पूरी कार्रवाई को ट्रैप ऑपरेशन के तहत अंजाम दिया गया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज हुआ मामला
लोकायुक्त पुलिस ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।अधिकारियों के अनुसार मामले में दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।
कार्रवाई में शामिल रही विशेष टीम
लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई में निरीक्षक सचिन पटेरिया के नेतृत्व में टीम ने हिस्सा लिया। टीम में प्रधान आरक्षक विजय कुमार, विवेक मिश्रा, आरक्षक कमलेश परिहार, एम.एम. सतीश यादव, कृष्ण अहिरवार, मनीष माथुर तथा चालक शेर सिंह ठाकुर शामिल रहे। लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार शिकायत के सत्यापन से लेकर ट्रैप कार्रवाई तक सभी प्रक्रियाएं नियमानुसार पूरी की गईं।
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