मंदसौर (Mandsaur Crime News)। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में पुलिस ने मादक पदार्थों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी की करीब 1 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति को जब्त कर फ्रीज कर दिया है। ड्रग तस्कर की संपत्ति फ्रीज करने की यह कार्रवाई SAFEMA एक्ट 1976 के तहत की गई, जो अवैध कमाई के खिलाफ सख्त कानून माना जाता है।
तस्करी के खिलाफ तेज हुआ अभियान
मंदसौर जिले में लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी पर लगाम लगाने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी अभियान के तहत यह ड्रग तस्कर की संपत्ति फ्रीज मामला सामने आया है, जिसने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी उमराव सिंह चौहान, निवासी ग्राम तलाव पिपलिया (थाना नारायणगढ़), के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज है। उस पर अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करने के गंभीर आरोप हैं।
जांच में खुली अवैध कमाई की परतें
पुलिस ने आरोपी की गतिविधियों की विस्तृत जांच की, जिसमें सामने आया कि उसने अवैध कमाई को विभिन्न संपत्तियों में निवेश किया है। जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर ड्रग तस्कर की संपत्ति फ्रीज करने के लिए पूरा केस तैयार किया गया और इसे SAFEMA/NDPSA कोर्ट मुंबई में पेश किया गया। अदालत ने सुनवाई के बाद आरोपी और उसके परिवार की संपत्तियों को फ्रीज करने के आदेश जारी किए।
परिवार और रिश्तेदारों की भी जांच
इस मामले में पुलिस ने सिर्फ आरोपी तक ही जांच सीमित नहीं रखी, बल्कि उसके परिवार और रिश्तेदारों की संपत्ति का भी बारीकी से विश्लेषण किया। इसी वजह से ड्रग तस्कर की संपत्ति फ्रीज का केस और मजबूत बन सका। पुलिस ने हर वित्तीय लेन-देन और संपत्ति का रिकॉर्ड इकट्ठा कर अदालत के सामने प्रस्तुत किया।
जमीन, बैंक खाते और वाहन फ्रीज
अदालत के आदेश के बाद जिन संपत्तियों को फ्रीज किया गया, उनमें शामिल हैं:
- कृषि और आवासीय जमीन
- बैंक खाते और जमा राशि
- चार पहिया और अन्य वाहन
इन सभी की कुल कीमत करीब 1 करोड़ रुपए बताई जा रही है। यह कार्रवाई पूरी तरह से ड्रग तस्कर की संपत्ति फ्रीज प्रक्रिया के तहत की गई।
अधिकारियों की अहम भूमिका
इस बड़ी कार्रवाई में एसडीओपी कीर्ति बघेल, नरेंद्र सोलंकी और थाना प्रभारी विक्रम सिंह इवने की प्रमुख भूमिका रही। टीम ने लगातार मेहनत कर सबूत जुटाए और केस को मजबूत बनाया।
पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना ने कहा कि जिले में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ड्रग तस्कर की संपत्ति फ्रीज जैसे कदम अपराधियों के खिलाफ निर्णायक साबित होंगे।
SAFEMA एक्ट क्या है?
SAFEMA (Smugglers and Foreign Exchange Manipulators Act, 1976) एक ऐसा कानून है, जिसके तहत सरकार अवैध गतिविधियों से अर्जित संपत्ति को जब्त या फ्रीज कर सकती है।
यह कानून खास तौर पर तस्करी, हवाला और विदेशी मुद्रा के अवैध लेन-देन से जुड़े मामलों में लागू होता है। इसी कानून के तहत इस केस में ड्रग तस्कर की संपत्ति फ्रीज की गई है।
अपराधियों को कड़ा संदेश
यह कार्रवाई साफ तौर पर दर्शाती है कि अब पुलिस केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि अपराधियों की आर्थिक जड़ पर भी चोट कर रही है। ड्रग तस्कर की संपत्ति फ्रीज जैसी कार्रवाई से यह संदेश गया है कि अवैध कमाई करने वालों को अब किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा।
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