रतलाम (Ratlam Crime News): मध्य प्रदेश के रतलाम जिले से एक ऐसी खौफनाक वारदात सामने आई है, जिसने समाज में रिश्तों और सुरक्षा पर किए जाने वाले भरोसे को तार-तार कर दिया है। औद्योगिक क्षेत्र थाना इलाके में एक 17 वर्षीय लड़की के साथ उसी के शादीशुदा पड़ोसी ने हैवानियत की हदें पार कर दीं।
उजागर हुआ यह रतलाम नाबालिग बलात्कार मामला पूरे इलाके में हड़कंप मचा रहा है। आरोपी ने नहाते समय बाथरूम की दीवार फांदकर घिनौने कृत्य को अंजाम दिया और लगातार 5 महीने तक मासूम को हवस का शिकार बनाता रहा।
भरोसे का कत्ल और हैवानियत की साजिश
पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर और जांच रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता का परिवार बेहद गरीब पृष्ठभूमि से आता है। 17 वर्षीय किशोरी ने महज 9वीं कक्षा तक की पढ़ाई की है और उसका परिवार गांव से आकर किराए के मकान में आजीविका चला रहा है। जिस समाज में पड़ोसियों को दुख का साथी माना जाता है, उसी पड़ोस में रहने वाले आरोपी राजेश ने इंसानियत पर कलंक लगा दिया।
पीड़िता ने बयान में बताया कि दोनों परिवारों के बाथरूम बिल्कुल अगल-बगल हैं और उनके बीच केवल एक साझा दीवार है। लगभग पांच महीने पहले, राजेश ने किशोरी को मिलने बुलाया था। नाबालिग ने नापाक इरादों को भांपकर इंकार कर दिया।
थोड़ी देर बाद जब किशोरी नहाने बाथरूम गई, तो आरोपी दीवार कूदकर जबरन घुसा और दुष्कर्म किया। यह रतलाम नाबालिग बलात्कार मामला अधिक वीभत्स है क्योंकि आरोपी खुद एक बच्ची का पिता है।
जान से मारने की धमकी और खौफनाक खामोशी
अक्सर ऐसे मामलों में अपराधी पीड़िता के डर और सामाजिक बदनामी को अपना हथियार बनाते हैं। घटना के बाद आरोपी ने पीड़िता को मानसिक रूप से तोड़ दिया। उसने बच्ची को धमकाया कि अगर यह बात परिजनों को बताई, तो वह उसे जान से मार देगा।
इसी खामोशी को ताकत मानकर आरोपी ने 23 दिसंबर 2025 से 20 अप्रैल 2026 के बीच कई बार बाथरूम की दीवार फांदकर वारदात को अंजाम दिया। यह रतलाम नाबालिग बलात्कार मामला साबित करता है कि डर अपराधियों के हौसले बुलंद करता है।
प्रेग्नेंसी किट ने खोला राज
लगातार हो रहे यौन शोषण के कारण नाबालिग गर्भवती हो गई। मार्च में जब किशोरी का मासिक धर्म आना बंद हुआ, तो वह घबराकर अस्पताल पहुंची। वहां ‘प्रेग्नेंसी किट’ से जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों ने सकारात्मक भूमिका निभाई। उन्होंने स्थिति को समझा, सांत्वना दी और पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए हिम्मत दी।
परिजनों का टूटा पहाड़ और पुलिस एक्शन
अस्पताल से घर लौटने के बाद बेटी ने परिजनों को अपनी भयानक पीड़ा बयां कर दी। रविवार रात परिजन पीड़ित बेटी को लेकर औद्योगिक क्षेत्र थाना पहुंचे। थाना प्रभारी सत्येंद्र रघुवंशी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत कमान संभाली।
महिला पुलिस अधिकारी द्वारा बालिका के बयान दर्ज किए गए और यह रतलाम नाबालिग बलात्कार मामला दर्ज किया गया।
पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई
पुलिस ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए आरोपी राजेश के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 62(2)(m), 351(3) व पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया है। इस घटना ने प्रशासन को झकझोर दिया है। यह रतलाम नाबालिग बलात्कार मामला सबक है कि माता-पिता को बच्चों से संवाद खुला रखना चाहिए।
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