नीमच। नीमच जिले में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान अवैध मिट्टी खनन का गंभीर मामला सामने आया। जावद तहसील के ग्राम खेड़ा बांगरेड़ निवासी नाथु बंजारा ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई कि उनकी कृषि भूमि से अवैध रूप से मिट्टी निकालकर जमीन को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। किसान ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
वर्षों की मेहनत से तैयार हुई थी खेती योग्य जमीन
नाथु बंजारा पिता गोरा बंजारा ने आवेदन में बताया कि उनकी पत्नी लक्ष्मीबाई उर्फ लच्छीबाई के नाम ग्राम तिलसांवरा, तहसील मनासा में कृषि भूमि दर्ज है। इसके अलावा परिवार की पैतृक जमीन भी ग्राम बांगरेड़ के खेड़ा क्षेत्र में स्थित है। किसान का कहना है कि परिवार ने वर्षों की मेहनत से जमीन को खेती योग्य बनाया था और इसी भूमि से परिवार का पालन-पोषण होता था।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ समय से अवैध मिट्टी खनन की गतिविधियों के कारण खेत की स्थिति खराब हो गई है। लगातार मिट्टी निकाले जाने से खेत में गहरे गड्ढे बन गए हैं।
खेत की उपजाऊ मिट्टी को हुआ नुकसान
शिकायतकर्ता ने बताया कि बिना अनुमति खेत से मिट्टी निकालकर अन्य स्थानों पर बेची गई। इसके कारण जमीन की ऊपरी उपजाऊ परत प्रभावित हो गई है। किसान का कहना है कि अब खेत की सतह असमान हो चुकी है, जिससे खेती करना मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों के अनुसार बारिश के समय खेत में पानी भर जाता है और फसल बोने में परेशानी होती है। यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो आने वाले समय में भूमि पूरी तरह अनुपयोगी हो सकती है।
शिकायत में कई लोगों के नाम शामिल
अवैध मिट्टी खनन मामले में नाथु बंजारा ने ग्राम मालखेड़ा निवासी राजू पिता मंसा बंजारा सहित अन्य लोगों के नामों का उल्लेख करते हुए कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में कहा गया है कि अवैध खनन से परिवार को आर्थिक नुकसान हुआ है और कृषि कार्य प्रभावित हुआ है।
किसान ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की राजस्व और तकनीकी जांच कराई जाए ताकि वास्तविक नुकसान का आकलन हो सके।
पहले भी की गई थी शिकायत
नाथु बंजारा ने बताया कि इस मामले की शिकायत पहले भी संबंधित अधिकारियों को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो खेत को इतना नुकसान नहीं पहुंचता।
जनसुनवाई में किसान ने अधिकारियों से कहा कि छोटे किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। कृषि भूमि ही ग्रामीण परिवारों की आय का मुख्य स्रोत होती है।
प्रशासन से मुआवजे और सख्त कार्रवाई की मांग
पीड़ित किसान ने जिला प्रशासन से मांग की है कि भूमि को हुए नुकसान का सर्वे कराया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही खेत को हुए नुकसान की भरपाई के लिए उचित मुआवजा दिलाने की भी मांग की गई है। जनसुनवाई में मौजूद अधिकारियों ने आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर बनी हुई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रही अवैध खनन की चिंता
नीमच जिले के ग्रामीण इलाकों में अवैध मिट्टी खनन लगातार चिंता का विषय बनता जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई क्षेत्रों में रात के समय जेसीबी और ट्रैक्टरों के जरिए मिट्टी निकाली जाती है, जिससे कृषि भूमि और ग्रामीण सड़कों को नुकसान पहुंचता है।
खेती योग्य भूमि से अनियंत्रित मिट्टी खनन होने पर जमीन की उर्वरता तेजी से कम होती है। यही वजह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध मिट्टी खनन के मामलों पर सख्त निगरानी और कार्रवाई की मांग लगातार बढ़ रही है।
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