नीमच। मध्यप्रदेश के नीमच जिले में शनिवार को एक ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया। गांधी सागर बांध के डूब क्षेत्र में कपड़े धोने गई चाची-भतीजी की पानी में डूबने से मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में मातम का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
यह घटना रामपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम अरनिया ढाणी की है, जहां 14 वर्षीय किशोरी पायल और 45 वर्षीय कचरीबाई घरेलू सामान धोने के लिए गांव के पास बने जलाशय पर पहुंची थीं। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि रोजमर्रा का यह काम कुछ ही पलों में मौत में बदल जाएगा।
कपड़े धोते समय फिसला पैर, पलभर में बदला माहौल
जानकारी के अनुसार दोनों महिलाएं गांधी सागर बांध के डूब क्षेत्र में कपड़े, रजाई और गद्दे साफ कर रही थीं। इसी दौरान किशोरी पायल का अचानक संतुलन बिगड़ गया और उसका पैर फिसल गया। देखते ही देखते वह गहरे पानी में चली गई।
पायल ने बचाने के लिए जोर-जोर से आवाज लगाई। उसकी चीख सुनकर पास में मौजूद कचरीबाई घबरा गईं और बिना कुछ सोचे उसे बचाने के लिए पानी में कूद पड़ीं। लेकिन जलाशय में पानी की गहराई ज्यादा होने के कारण वह खुद भी बाहर नहीं निकल सकीं।
कुछ ही सेकंड में दोनों पानी में लापता हो गईं। इस पानी में डूबने से मौत की घटना ने मौके पर मौजूद लोगों को झकझोर दिया।
ग्रामीणों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन नहीं बच सकीं दोनों
घटना के बाद आसपास मौजूद ग्रामीण मौके की ओर दौड़े। लोगों ने दोनों को बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक वे काफी गहराई में जा चुकी थीं। तुरंत रामपुरा थाना पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद दोनों के शव पानी से बाहर निकाले गए। दोनों महिलाओं को तत्काल रामपुरा सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर अभिषेक चौहान ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल में यह खबर पहुंचते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
एक ही परिवार में दो मौतों से गांव में पसरा मातम
इस पानी में डूबने से मौत के हादसे के बाद पूरे अरनिया ढाणी गांव में शोक का माहौल है। गांव के लोगों का कहना है कि कचरीबाई ने अपनी भतीजी को बचाने के लिए जान की बाजी लगा दी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
मासूम पायल की मौत से गांव के बच्चे भी सदमे में हैं। वहीं परिवार के लोगों का कहना है कि सुबह तक सब सामान्य था, लेकिन दोपहर होते-होते परिवार की खुशियां खत्म हो गईं। ग्रामीणों ने बताया कि गांधी सागर डूब क्षेत्र में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। कई जगहों पर अचानक गहराई बढ़ जाती है, जिससे हादसों का खतरा हमेशा बना रहता है।
पुलिस ने शुरू की जांच
रामपुरा थाना प्रभारी विपिन मसीह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला हादसे का लग रहा है। कपड़े धोने के दौरान पैर फिसलने से दोनों महिलाएं गहरे पानी में चली गईं। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद दोनों शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। पुलिस आसपास मौजूद लोगों के बयान भी दर्ज कर रही है।
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