नीमच। नीमच शहर में चल रही फोरलेन परियोजना अब धार्मिक आस्था और विकास के बीच बड़ा मुद्दा बनती जा रही है। महू रोड स्थित करीब 200 वर्ष पुराने माधोपुरी बालाजी मंदिर को संभावित नुकसान की आशंका के बीच सर्व हिन्दू समाज ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर निर्माण कार्य रोकने की मांग की है।
समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि भाटखेड़ा फंटे से सुवाखेड़ा फंटे तक हो रहे सड़क चौड़ीकरण और पुलिया निर्माण से माधोपुरी बालाजी मंदिर परिसर प्रभावित हो सकता है। श्रद्धालुओं के अनुसार यह मंदिर केवल पूजा स्थल नहीं, बल्कि शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र है।
ज्ञापन में बताया गया कि मंदिर परिसर में भगवान शिव, माता संतोषी, श्री गणेश और साईं बाबा के मंदिर भी स्थित हैं। समाज का दावा है कि यदि वर्तमान योजना के अनुसार निर्माण जारी रहा तो पूरे परिसर को क्षति पहुंच सकती है।
सर्व हिन्दू समाज ने आरोप लगाया कि इस मामले को लेकर पहले विधायक दिलीपसिंह परिहार और जिला प्रशासन को भी अवगत कराया गया था। उस दौरान मंदिर को नुकसान नहीं होने देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन मौजूदा निर्माण गतिविधियों से लोगों की चिंता बढ़ गई है।
समाज ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन माधोपुरी बालाजी मंदिर जैसी ऐतिहासिक धार्मिक धरोहरों की सुरक्षा भी उतनी ही आवश्यक है। समाज ने सड़क और पुलिया का विस्तार दूसरी ओर उपलब्ध खाली भूमि की तरफ करने का सुझाव दिया है।
फिलहाल इस पूरे मामले में प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं श्रद्धालुओं का कहना है कि आस्था और विरासत की सुरक्षा के साथ ही विकास कार्य किए जाने चाहिए।
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