नीमच। जिले के प्रसिद्ध धार्मिक आस्था केंद्र भादवामाता में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में बड़े स्तर पर विकास कार्यों की तैयारी शुरू हो गई है। भादवामाता विकास कार्य के तहत चार करोड़ रुपये से अधिक लागत की पांच महत्वपूर्ण परियोजनाएं प्रस्तावित की गई हैं। शनिवार को कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने भादवामाता पहुंचकर निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित कार्यों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
भादवामाता विकास कार्य की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने मंदिर परिसर, आस्था भवन तथा श्रद्धालुओं के उपयोग में आने वाले विभिन्न स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को गुणवत्ता और गति दोनों पर विशेष ध्यान देने को कहा।
4 करोड़ से अधिक की लागत से होंगे पांच प्रमुख विकास कार्य
भादवामाता विकास कार्य के अंतर्गत मंदिर परिसर और आस्था भवन के रिक्त क्षेत्रों में लगभग 91 लाख रुपये की लागत से लैंडस्केपिंग का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इस कार्य का उद्देश्य परिसर को अधिक आकर्षक, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के अनुकूल बनाना है।
इसके अलावा संस्थान की ओर से लगभग 2.20 करोड़ रुपये की लागत से व्यवसायिक दुकानों का निर्माण प्रस्तावित है। प्रशासन का मानना है कि इससे आने वाले श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा परिसर की व्यवस्थाएं भी बेहतर हो सकेंगी।
निरीक्षण के दौरान मंदिर परिसर में आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। इसके तहत सीसीटीवी कैमरे एवं डिस्प्ले स्क्रीन स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सके।
बस स्टैंड से मंदिर तक होगा विद्युतीकरण
भादवामाता विकास कार्य के अंतर्गत बस स्टैंड से मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार तक लगभग 500 मीटर क्षेत्र में 31 लाख रुपये की लागत से विद्युतीकरण कार्य प्रस्तावित किया गया है। इस परियोजना के पूरा होने से श्रद्धालुओं को रात्रिकालीन आवागमन में सुविधा मिलेगी तथा मार्ग की सुरक्षा भी बढ़ेगी।
इसी क्रम में महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 27 लाख रुपये की लागत से नवीन महिला सुविधा घर एवं स्नानागार निर्माण का प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि बड़ी संख्या में आने वाली महिला श्रद्धालुओं को इससे सीधा लाभ मिलेगा।
कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने संबंधित अधिकारियों को इन सभी प्रस्तावों को शीघ्र स्वीकृति के लिए प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि स्वीकृति की प्रक्रिया के साथ-साथ आवश्यक तैयारियां भी तत्काल शुरू की जाएं ताकि कार्यों में अनावश्यक विलंब न हो।
पाथ-वे और नाला निर्माण कार्यों की भी समीक्षा
भादवामाता विकास कार्य के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पाथ-वे निर्माण और नाला निर्माण कार्यों का भी जायजा लिया। उन्होंने संबंधित एजेंसियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। नाला निर्माण कार्य का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने नाले को कवर करने के निर्देश भी दिए। उनका कहना था कि इससे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और परिसर की सुंदरता में भी वृद्धि होगी।
सुविधा घरों के जीर्णोद्धार पर विशेष जोर
भादवामाता विकास कार्य के तहत पहले से मौजूद सुविधा घरों और स्नानागारों की स्थिति का भी निरीक्षण किया गया। कलेक्टर ने सभी सुविधा घरों और स्नानागारों के तत्काल जीर्णोद्धार एवं रेनोवेशन कार्य शुरू कर उन्हें जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। धार्मिक स्थल पर स्वच्छ और व्यवस्थित सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।
साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने ग्राम पंचायत सचिव को मंदिर परिसर, ग्राम पंचायत स्कूल परिसर, दुकानों के आसपास, कॉरिडोर तथा डोम क्षेत्र सहित पूरे परिसर में विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि नियमित और पर्याप्त साफ-सफाई सुनिश्चित करने के लिए विशेष टीमों की तैनाती की जाए। कलेक्टर ने साफ-सफाई व्यवस्था में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित सफाई कर्मचारियों, दरोगा तथा निगरानी में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
अधिकारी रहे मौजूद
भादवामाता विकास कार्य के निरीक्षण के दौरान एसडीएम पराग जैन, तहसीलदार मृणालिनी तोमर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं संस्थान के कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रशासन का उद्देश्य आगामी समय में भादवामाता आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना है।
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