उज्जैन (Ujjain News)। उज्जैन-देवास मार्ग पर हुए टायर फटने से हादसा में एक सीड कारोबारी की मौत हो गई, जबकि कार में सवार दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा नागझिरी थाना क्षेत्र के गरुड़ बायपास ब्रिज के पास हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कार का अगला टायर अचानक फट गया, जिसके बाद वाहन अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
मृतक की पहचान इटरना कंपनी के मालिक मनि कुट्टी (31) के रूप में हुई है। वे मूल रूप से विशाखापट्टनम के निवासी थे और वर्तमान में बेंगलुरु से सीड कारोबार संचालित कर रहे थे। बताया जा रहा है कि वे हाल ही में दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थे और अपने व्यावसायिक कार्यों के साथ धार्मिक यात्रा पर भी निकले थे।
महाकाल दर्शन के बाद लौट रहे थे इंदौर
जानकारी के अनुसार मनि कुट्टी अपने इंदौर स्थित डीलर ओम धाकड़ और कंपनी के अकाउंटेंट बालकृष्ण के साथ शनिवार को उज्जैन पहुंचे थे। दोपहर करीब 12 से 1 बजे के बीच उन्होंने श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन किए। दर्शन के बाद तीनों लोग स्कोडा कार से इंदौर के लिए रवाना हुए।
यात्रा सामान्य रूप से चल रही थी, लेकिन उज्जैन-देवास मार्ग पर पहुंचने के बाद अचानक टायर फटने से हादसा हो गया। वाहन चला रहे बालकृष्ण ने कार को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन तेज रफ्तार और अचानक हुए तकनीकी नुकसान के कारण कार बेकाबू हो गई।
टायर फटते ही बिगड़ा संतुलन, डिवाइडर से टकराई कार
पुलिस के अनुसार कार का अगला बायां टायर फटने के बाद वाहन का संतुलन बिगड़ गया। चालक ने कई बार कार को संभालने की कोशिश की, लेकिन कुछ ही क्षणों में कार डिवाइडर से जा भिड़ी। टक्कर इतनी तेज थी कि वाहन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला। इसके बाद घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
अस्पताल में चिकित्सकों ने मनि कुट्टी को मृत घोषित कर दिया, जबकि डीलर ओम धाकड़ और चालक बालकृष्ण का उपचार जारी है। दोनों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
बाबा महाकाल के प्रति गहरी आस्था रखते थे मनि कुट्टी

कार चालक बालकृष्ण ने बताया कि मनि कुट्टी बाबा महाकाल के प्रति गहरी श्रद्धा रखते थे। वे वर्षों से नियमित रूप से उज्जैन आकर दर्शन करते रहे थे। इस बार भी वे दर्शन कर लौट रहे थे, लेकिन रास्ते में टायर फटने से हादसा उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित हुआ।
उन्होंने बताया कि हादसा इतनी तेजी से हुआ कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। टायर फटते ही वाहन पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो गया था।
मोबाइल की एसओएस सुविधा बनी सूचना का जरिया
इस हादसे में एक तकनीकी सुविधा ने परिजनों तक सूचना पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बताया गया कि मनि कुट्टी के मोबाइल फोन में इमरजेंसी एसओएस सुविधा सक्रिय थी। दुर्घटना होते ही फोन ने स्वचालित रूप से निर्धारित संपर्कों को अलर्ट भेज दिया।
सूचना मिलते ही परिजनों को हादसे की जानकारी हो गई और वे तत्काल उज्जैन के लिए रवाना हो गए।
भाई को मिला अलर्ट, रात में पहुंचे उज्जैन
जानकारी के अनुसार मनि कुट्टी आईफोन का उपयोग करते थे और उसमें दुर्घटना पहचान (Crash Detection) तथा एसओएस फीचर ऑन था। हादसे के बाद उनके भाई के मोबाइल पर एसएमएस अलर्ट पहुंचा, जिससे उन्हें दुर्घटना की जानकारी मिली।
इसके बाद उनके परिजन विशाखापट्टनम से उज्जैन के लिए रवाना हुए और रात में अस्पताल पहुंच गए। वहीं इंदौर निवासी डीलर ओम धाकड़ के परिवार को भी मोबाइल अलर्ट के माध्यम से हादसे की सूचना मिल गई।
पुलिस ने शुरू की जांच
नागझिरी थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में टायर फटने से हादसा होना दुर्घटना की मुख्य वजह माना जा रहा है। पुलिस वाहन की तकनीकी स्थिति, दुर्घटना के समय की परिस्थितियों और अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंपा जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जानकारी सामने आ सकेगी।
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