नीमच । अगर आपका WiFi राउटर पहले की तरह तेज इंटरनेट नहीं दे रहा है और वीडियो स्ट्रीमिंग, ऑनलाइन गेमिंग या वीडियो कॉल के दौरान बार-बार रुकावट आ रही है, तो जरूरी नहीं कि इसकी वजह आपका इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर (ISP) ही हो। कई बार समस्या आपके घर में लगे WiFi राउटर की एक सेटिंग में छिपी होती है। खासकर पुराने या कम क्षमता वाले राउटर्स में एक फीचर इंटरनेट की स्पीड को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में उस सेटिंग को समझकर और जरूरत पड़ने पर उसमें बदलाव करके इंटरनेट का बेहतर अनुभव पाया जा सकता है।
अक्सर लोग इंटरनेट स्लो होते ही सबसे पहले कंपनी के कस्टमर केयर पर शिकायत दर्ज कराते हैं। हालांकि कई तकनीकी विशेषज्ञ मानते हैं कि राउटर की सेटिंग्स भी नेटवर्क की परफॉर्मेंस पर बड़ा असर डालती हैं। इन्हीं सेटिंग्स में से एक है QoS (Quality of Service), जो सही परिस्थितियों में उपयोगी है, लेकिन कुछ मामलों में यही फीचर इंटरनेट की रफ्तार कम होने की वजह भी बन सकता है।
क्या है QoS और WiFi राउटर में इसका क्या काम होता है?
हर WiFi राउटर में इंटरनेट का उपयोग अलग-अलग तरीके से होता है। घर में कोई वीडियो कॉल कर रहा होता है, कोई ऑनलाइन क्लास ले रहा होता है, कोई फिल्म देख रहा होता है तो किसी डिवाइस में फाइल डाउनलोड हो रही होती है। ऐसे में QoS यानी Quality of Service यह तय करता है कि किस काम को पहले इंटरनेट स्पीड मिले और किसे बाद में।
उदाहरण के तौर पर यदि एक ही समय में वीडियो कॉल और बड़ी फाइल डाउनलोड हो रही हो, तो QoS वीडियो कॉल को प्राथमिकता देता है ताकि बातचीत बिना रुकावट जारी रह सके। वहीं डाउनलोड की स्पीड थोड़ी कम हो सकती है। इस तरह यह फीचर नेटवर्क ट्रैफिक को व्यवस्थित रखने का काम करता है।
कब नुकसान पहुंचाने लगता है यह फीचर?
हालांकि QoS का उद्देश्य बेहतर नेटवर्क अनुभव देना है, लेकिन हर WiFi राउटर इसे समान क्षमता से संभाल नहीं पाता। पुराने या कम कीमत वाले राउटर्स में इस फीचर को चलाने के लिए हर डेटा पैकेट की जांच करनी पड़ती है। इससे राउटर के प्रोसेसर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
यदि राउटर का हार्डवेयर कमजोर है, तो वह इस अतिरिक्त लोड को संभालने में सक्षम नहीं होता। इसका सीधा असर इंटरनेट स्पीड पर पड़ सकता है। परिणामस्वरूप वेबसाइट खुलने में समय लगता है, वीडियो बार-बार बफर होते हैं और डाउनलोडिंग की गति भी कम महसूस होती है।
यही वजह है कि कई बार तेज ब्रॉडबैंड प्लान होने के बावजूद इंटरनेट उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं करता।
किन यूजर्स को QoS बंद करने पर विचार करना चाहिए?
हर स्थिति में QoS बंद करना सही फैसला नहीं होता। लेकिन यदि आपके पास—
- पुराना WiFi राउटर है।
- कम कीमत वाला बेसिक मॉडल इस्तेमाल कर रहे हैं।
- इंटरनेट प्लान तेज होने के बावजूद स्पीड कम मिल रही है।
- 250Mbps या उससे अधिक स्पीड वाला ब्रॉडबैंड कनेक्शन है।
तो ऐसे मामलों में QoS को बंद करने से इंटरनेट प्रदर्शन में सुधार महसूस हो सकता है। अधिक स्पीड वाले इंटरनेट कनेक्शन में सामान्य उपयोग के लिए पर्याप्त बैंडविड्थ पहले से उपलब्ध रहती है, इसलिए अतिरिक्त ट्रैफिक मैनेजमेंट की जरूरत कम हो जाती है।
ऐसे बदलें WiFi राउटर की सेटिंग
यदि आपको लगता है कि आपके WiFi राउटर में QoS इंटरनेट स्पीड कम कर रहा है, तो आप इसकी जांच कर सकते हैं। इसके लिए निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाई जा सकती है—
- मोबाइल या कंप्यूटर में कोई भी वेब ब्राउजर खोलें।
- एड्रेस बार में 192.168.0.1 या 192.168.1.1 टाइप करें।
- राउटर के एडमिन यूजरनेम और पासवर्ड से लॉगिन करें।
- Settings या Advanced Settings में जाएं।
- वहां QoS, Smart QoS या Adaptive QoS नाम का विकल्प खोजें।
- जरूरत पड़ने पर इस फीचर को Disable या Off करें।
- सेटिंग सेव करें और यदि आवश्यक हो तो राउटर रीस्टार्ट करें।
यदि समस्या QoS की वजह से थी, तो इसके बाद इंटरनेट पहले की तुलना में अधिक स्मूद और तेज महसूस हो सकता है।
क्या हर किसी को QoS बंद कर देना चाहिए?
इस सवाल का जवाब नहीं है। यदि आपके घर या ऑफिस में एक साथ कई लोग ऑनलाइन गेमिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, लाइव स्ट्रीमिंग और बड़े डाउनलोड जैसे काम करते हैं, तो QoS नेटवर्क को संतुलित रखने में मदद कर सकता है। यह महत्वपूर्ण गतिविधियों को प्राथमिकता देकर बेहतर अनुभव देने की कोशिश करता है।
इसलिए QoS को बंद या चालू रखने का निर्णय आपके WiFi राउटर, उसकी क्षमता और इंटरनेट उपयोग के तरीके पर निर्भर करता है।
इंटरनेट स्पीड बढ़ाने के लिए इन बातों का भी रखें ध्यान
सिर्फ QoS ही नहीं, बल्कि कुछ सामान्य सावधानियां भी इंटरनेट की परफॉर्मेंस बेहतर बनाने में मदद कर सकती हैं—
- राउटर को घर के बीच वाले हिस्से में रखें।
- राउटर का फर्मवेयर समय-समय पर अपडेट करें।
- बहुत पुराने राउटर का उपयोग कर रहे हैं तो नया मॉडल लेने पर विचार करें।
- एक साथ बहुत अधिक डिवाइस कनेक्ट होने पर नेटवर्क पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
- समय-समय पर राउटर को रीस्टार्ट करना भी उपयोगी हो सकता है।
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