देवास |मध्यप्रदेश के देवास जिले से एक संदिग्ध गिरफ्तार होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई चर्चा का विषय बन गई है। गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने दावा किया है कि गिरफ्तार युवक प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े एक कथित मॉड्यूल का सदस्य है। एजेंसी के अनुसार गुजरात और मध्यप्रदेश में संयुक्त कार्रवाई के दौरान कुल आठ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। मामले की जांच फिलहाल गुजरात ATS कर रही है।
गुजरात ATS के अनुसार गिरफ्तार युवक की पहचान बिलाल दुरानी मोहम्मद अम्मार घाघा उर्फ अबू दुजाना (18) के रूप में हुई है। जांच एजेंसी का दावा है कि यह कथित मॉड्यूल नए लोगों को जोड़कर नेटवर्क तैयार करने का प्रयास कर रहा था। हालांकि यह सभी आरोप जांच एजेंसी के दावे हैं और न्यायिक प्रक्रिया में इनकी पुष्टि होना शेष है।
गुरुवार रात देवास में हुई कार्रवाई

जानकारी के मुताबिक गुजरात ATS की टीम गुरुवार रात देवास के नाहर दरवाजा क्षेत्र स्थित गफूर बस्ती पहुंची। स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में टीम ने युवक के घर पर करीब आधे घंटे तक पूछताछ की।
पूछताछ के बाद युवक को अभिरक्षा में लिया गया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद देवास पुलिस ने उसे गुजरात ATS के सुपुर्द कर दिया। इसके बाद टीम आगे की जांच के लिए उसे अपने साथ ले गई।
देवास एसपी ने गिरफ्तारी की पुष्टि की
देवास पुलिस अधीक्षक पुनीत गहलोद ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि गुजरात ATS एक संदिग्ध की तलाश में देवास आई थी। नियमानुसार सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद युवक को गुजरात ATS के हवाले कर दिया गया। पूरे मामले की आगे की जांच गुजरात ATS कर रही है।
पांच स्थानों पर एक साथ चली कार्रवाई

गुजरात ATS का कहना है कि उसे गोपनीय सूचना मिली थी कि कुछ लोग प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की विचारधारा का प्रचार कर रहे हैं और गुजरात में उसका कथित नेटवर्क खड़ा करने का प्रयास कर रहे हैं।
एजेंसी के अनुसार तकनीकी निगरानी और मानव खुफिया जानकारी के आधार पर एक साथ कई स्थानों पर कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान जिन स्थानों से संदिग्धों को हिरासत में लिया गया, उनमें शामिल हैं—
- गुजरात का बनासकांठा
- मेहसाणा
- पाटन
- नवसारी
- मध्यप्रदेश का देवास
ATS का दावा है कि इन सभी स्थानों से कुल आठ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया।
संगठन बनाकर लोगों को जोड़ने का आरोप
जांच एजेंसी का दावा है कि गिरफ्तार किए गए लोगों ने कथित रूप से “दारुल इस्लाम गुजरात जैश-ए-मोहम्मद” नाम से एक संगठन बनाया था। इसके माध्यम से नए लोगों को जोड़ने और प्रतिबंधित संगठन की विचारधारा का प्रचार-प्रसार करने का प्रयास किया जा रहा था।
हालांकि इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
पाकिस्तान हैंडलर्स से संपर्क होने का दावा
गुजरात ATS के अनुसार जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपियों के पाकिस्तान स्थित कथित हैंडलर्स अब्दुल्ला और मोहम्मद उमर से संपर्क के साक्ष्य मिले हैं। एजेंसी ने यह भी दावा किया है कि मॉड्यूल को करीब तीन लाख रुपये की फंडिंग मिली थी। आरोप है कि इसी राशि से एक पुरानी कार खरीदी गई। साथ ही जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े साहित्य का गुजराती भाषा में अनुवाद कर उसका प्रसार करने का भी आरोप लगाया गया है।
मोबाइल और साहित्य मिलने का दावा
ATS के मुताबिक छापेमारी के दौरान एक आरोपी के मोबाइल फोन से बड़ी मात्रा में डिजिटल सामग्री मिलने का दावा किया गया है।
एजेंसी के अनुसार बरामद सामग्री में शामिल हैं—
- 254 कथित जिहादी दस्तावेज
- ऑडियो और वीडियो फाइलें
- कई फोटो
- जैश-ए-मोहम्मद का झंडा
- मसूद अजहर से संबंधित पुस्तकें
- उर्दू में लिखे पत्र
- गुजराती भाषा में अनूदित कथित जिहादी साहित्य
जांच एजेंसी का कहना है कि बरामद सामग्री की तकनीकी और फोरेंसिक जांच की जा रही है।
UAPA और BNS के तहत दर्ज हुआ मामला
गुजरात ATS ने बताया कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सभी आठ आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की विभिन्न धाराओं के साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61 और 148 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
एजेंसी का कहना है कि जांच अभी जारी है और अन्य संभावित पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
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