अचानक बीच सड़क रुक जाता था रिक्शा… कुछ मिनट बाद पहुंच जाता था एक युवक
उज्जैन/भोपाल |पिछले कुछ दिनों से मध्य प्रदेश के उज्जैन में ई-रिक्शा चालकों के साथ एक अजीब घटना लगातार हो रही थी। चलते-चलते रिक्शा अचानक बंद हो जाता था। चालक परेशान होकर कारण समझने की कोशिश करता, लेकिन कुछ ही देर में एक युवक वहां पहुंचता, खुद को मैकेनिक बताता और 200 से 300 रुपये लेकर कुछ मिनटों में वाहन चालू कर देता। शुरुआत में इसे संयोग माना गया, लेकिन जब एक जैसी घटनाएं बार-बार होने लगीं तो पूरे मामले का ऐसा खुलासा हुआ जिसने ई-रिक्शा चालकों को भी हैरान कर दिया।

उज्जैन पुलिस ने इस मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह कथित रूप से मोबाइल ऐप के जरिए ई-रिक्शा के बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) तक पहुंच बनाकर वाहन बंद करता था और फिर पैसे लेकर दोबारा चालू कर देता था। इसी तरह की शिकायतें भोपाल से भी सामने आई हैं, जिनकी जांच जारी है।
जब हर बार एक जैसा हुआ, तब हुआ शक
पिछले चार-पांच दिनों में आधा दर्जन से अधिक ई-रिक्शा अचानक रास्ते में बंद हो गए। हर बार एक युवक मौके पर पहुंचता, खुद को मैकेनिक बताता और कुछ ही मिनटों में वाहन चालू कर देता। इसके बदले वह चालकों से 300 रुपये तक लेता था। लगातार एक जैसी घटनाओं के बाद ई-रिक्शा चालकों और एसोसिएशन को संदेह हुआ कि मामला सामान्य तकनीकी खराबी का नहीं है। इसके बाद पुलिस से शिकायत की गई।
पुलिस ने बिछाया जाल, फिर रंगे हाथ पकड़ाया
पुलिस ने चालकों को सतर्क रहने और संदिग्ध व्यक्ति दिखने पर तुरंत सूचना देने के निर्देश दिए। बुधवार शाम लोटी स्कूल तिराहे पर एक ई-रिक्शा फिर अचानक बंद हो गया। कुछ देर बाद वही युवक उसे ठीक करने के नाम पर पैसे मांगने पहुंचा। चालक ने पहले से मिली सलाह के अनुसार उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। पूछताछ में उसकी पहचान रीतेश भानूपा (18), निवासी ग्राम नवली, थाना भैरूगढ़ के रूप में हुई।
जांच में खुला BAT BMS ऐप का इस्तेमाल
पुलिस के अनुसार, आरोपी कथित रूप से BAT BMS मोबाइल ऐप की सहायता से ब्लूटूथ के जरिए आसपास मौजूद ई-रिक्शा के बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) तक पहुंच बना लेता था। इसके बाद वाहन बंद कर देता और फिर पैसे लेकर दोबारा चालू करता था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि संबंधित ई-रिक्शा मॉडलों में सुरक्षा संबंधी क्या तकनीकी खामियां थीं और उनका किस प्रकार कथित दुरुपयोग किया गया।
घर के बाहर खड़ा रिक्शा भी नहीं हुआ स्टार्ट
ई-रिक्शा चालक मुकेश ने बताया कि उनके घर के बाहर खड़ा वाहन भी अचानक स्टार्ट नहीं हुआ। काफी कोशिशों के बाद उन्होंने अपने परिचित को बुलाया, जिसने सिस्टम जांचकर गाड़ी दोबारा चालू की। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं से रोजमर्रा की कमाई प्रभावित हो रही है और चालकों में डर का माहौल है।
एक चालक ने 24 घंटे में 10 से 15 ई-रिक्शे चालू किए
ई-रिक्शा चालक रिंकू के अनुसार, उनकी गाड़ी भी अचानक बंद हो गई थी। कंपनी से संपर्क करने पर उन्हें एक ऐप उपलब्ध कराया गया, जिससे वाहन दोबारा चालू हो गया। रिंकू का कहना है कि इसके बाद उन्होंने रास्ते में बंद पड़े अन्य ई-रिक्शों को भी उसी प्रक्रिया से चालू किया और पिछले 24 घंटे में लगभग 10 से 15 वाहन फिर से चालू किए।
भोपाल में भी बढ़ीं शिकायतें
भोपाल के पुराने शहर में भी बुधवार रात कई ई-रिक्शा बीच रास्ते में बंद होने की शिकायतें सामने आईं। इससे चालकों और यात्रियों को परेशानी हुई तथा कुछ स्थानों पर विवाद की स्थिति भी बनी। कुछ चालकों ने आरोप लगाया कि बैटरी अनलॉक कराने के लिए उन्हें कंपनी के कार्यालय जाना पड़ा, जहां उनसे शुल्क लिया गया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस ने चालकों को दी यह सलाह
पुलिस ने ई-रिक्शा चालकों से कहा है कि—
- किसी अनजान व्यक्ति को पैसे देकर वाहन ठीक न कराएं।
- केवल अधिकृत सर्विस सेंटर या कंपनी के तकनीशियन से ही संपर्क करें।
- यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति पैसे मांगता है तो उसकी फोटो या वीडियो सुरक्षित रखें।
- तुरंत डायल 100/112, साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी थाने में सूचना दें।
- सोशल मीडिया पर अपुष्ट जानकारी साझा करने से बचें।
- ब्लूटूथ सुरक्षा के लिए कंपनी से बैटरी का पासवर्ड अवश्य सेट कराएं।
पुलिस क्या कह रही है?
ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर इंद्रपाल राजपूत के अनुसार, शिकायतें मिलने के बाद जांच शुरू की गई थी। आरोपी के खिलाफ नीलगंगा थाना पुलिस ने साइबर ठगी सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। अब यह जांच की जा रही है कि उसने इस तरीके से कितने ई-रिक्शा चालकों को कथित रूप से निशाना बनाया।
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