मंदसौर | प्रसूता की मौत के बाद मंदसौर शहर में गुरुवार को माहौल तनावपूर्ण हो गया। अफीम गोदाम रोड स्थित स्पर्श क्लिनिक के बाहर बड़ी संख्या में परिजन और स्थानीय लोग एकत्र हो गए। परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही के आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया और कुछ समय के लिए सड़क पर चक्का जाम भी किया। घटना की सूचना मिलने पर मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।
हालांकि, इस मामले में लगाए गए आरोपों की अभी तक किसी प्रशासनिक अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग या संबंधित अस्पताल की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले की जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारण और किसी संभावित लापरवाही की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
क्या है पूरा मामला?
पूजा कुंवर नाम की महिला का उपचार डॉ. रौशनी जैन के स्पर्श क्लिनिक में चल रहा था। परिजनों के मुताबिक, कुछ दिन पहले महिला का ऑपरेशन मंदसौर के अनुयोग हॉस्पिटल में हुआ था, जहां उसने दो जुड़वां बेटियों को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान महिला की एक नस कट गई, जिससे उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। हालत गंभीर होने पर उसे बेहतर उपचार के लिए अहमदाबाद रेफर किया गया। परिजनों का कहना है कि वहां डॉक्टरों ने महिला का उपचार किया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
ब्लड को लेकर भी लगाए गंभीर आरोप
परिजनों ने उपचार प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि अस्पताल में जो ब्लड महिला को चढ़ाया गया था, वह सही नहीं था। उनका दावा है कि अहमदाबाद में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने ब्लड में थक्के (क्लॉट) होने की बात कही। परिजनों के अनुसार, वहां के डॉक्टरों ने जांच के लिए ब्लड का एक सैंपल भी उन्हें दिया। हालांकि, इस दावे की भी अभी तक किसी अस्पताल या अधिकृत एजेंसी ने पुष्टि नहीं की है।
अस्पताल के बाहर हुआ प्रदर्शन

प्रसूता की मौत की खबर सामने आने के बाद परिजन और उनके समर्थक स्पर्श क्लिनिक के बाहर पहुंच गए। देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई। परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए सड़क पर चक्का जाम भी किया गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर मौजूद रहे।
जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई
फिलहाल पूरे मामले में कई तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं, लेकिन अभी तक किसी भी जांच एजेंसी या प्रशासन की ओर से इन आरोपों की पुष्टि नहीं की गई है। स्वास्थ्य विभाग या संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही हुई या नहीं। चिकित्सकीय लापरवाही से जुड़े मामलों में मेडिकल रिकॉर्ड, ऑपरेशन से संबंधित दस्तावेज, उपचार का पूरा विवरण और विशेषज्ञों की राय के आधार पर ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाता है। इसलिए वर्तमान में लगाए गए सभी आरोप जांच के अधीन हैं।
इस मामले में स्वास्थ्य विभाग, संबंधित अस्पताल अथवा डॉ. रौशनी जैन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
जांच पर टिकी सबकी नजर
यह मामला अब जांच के दायरे में माना जा रहा है। यदि परिजनों की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जाती है, तो नियमानुसार संबंधित विभाग और पुलिस आगे की कार्रवाई कर सकती है। फिलहाल पूरे मामले में जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
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