नीमच। गुरुवार को नीमच क्रमांक-2 खेल मैदान को स्थायी रूप से खेल गतिविधियों के लिए संरक्षित रखने की मांग को लेकर खेल मैदान बचाओ संघर्ष समिति ने विधायक दिलीप सिंह परिहार और नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति गौरव चोपड़ा को ज्ञापन सौंपा। समिति ने स्पष्ट किया कि उसका विरोध सीएम राइज स्कूल के निर्माण से नहीं, बल्कि शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-2 के मौजूदा खेल मैदान पर स्कूल निर्माण के प्रस्ताव से है। समिति ने स्कूल के लिए दूसरी उपयुक्त भूमि चुनने की मांग रखी है।
खेल मैदान को लेकर चल रही मुहिम अब धरना-प्रदर्शन के बाद जनप्रतिनिधियों तक पहुंच गई है। संघर्ष समिति के सदस्यों ने ज्ञापन के दौरान कहा कि शिक्षा के लिए नई सुविधाओं का विकास होना चाहिए, लेकिन इसके साथ शहर में उपलब्ध खेल सुविधाओं को भी सुरक्षित रखा जाना जरूरी है। समिति ने शिक्षा और खेल दोनों के संतुलित विकास की बात रखते हुए मैदान का मौजूदा स्वरूप बनाए रखने की मांग की।
विधायक और नपाध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन
खेल मैदान बचाओ संघर्ष समिति ने विधायक दिलीप सिंह परिहार और नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति गौरव चोपड़ा के समक्ष नीमच क्रमांक-2 खेल मैदान से जुड़ी अपनी मांगें और सुझाव रखे। समिति ने मांग की कि मैदान को खेल गतिविधियों के लिए स्थायी रूप से संरक्षित रखा जाए। सदस्यों का कहना है कि शहर के इस महत्वपूर्ण मैदान को समाप्त नहीं होने दिया जाना चाहिए। यदि सीएम राइज स्कूल का निर्माण किया जाना है तो इसके लिए किसी अन्य उपयुक्त वैकल्पिक भूमि का चयन किया जाए।
समिति का तर्क है कि ऐसा करने से स्कूल निर्माण का रास्ता भी प्रभावित नहीं होगा और शहर के खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध मैदान भी सुरक्षित रहेगा।
सीएम राइज स्कूल का विरोध नहीं, स्थान पर आपत्ति
संघर्ष समिति ने इस मुद्दे पर अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा कि वह सीएम राइज स्कूल नीमच के निर्माण का विरोध नहीं कर रही है। आपत्ति केवल क्रमांक-2 के खेल मैदान पर प्रस्तावित निर्माण को लेकर है। खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों का कहना है कि शिक्षा और खेल दोनों युवाओं के विकास से जुड़े हैं। इसलिए नई शैक्षणिक सुविधा विकसित करने के साथ मौजूदा खेल मैदान को संरक्षित रखने का विकल्प तलाशा जाना चाहिए।
संघर्ष समिति ने जनप्रतिनिधियों के सामने भी यही मांग रखी कि सीएम राइज स्कूल के लिए दूसरी उपयुक्त जगह का चयन किया जाए, ताकि नीमच क्रमांक-2 खेल मैदान भविष्य में भी खिलाड़ियों के उपयोग में बना रहे।
जनप्रतिनिधियों ने सुनी बात, मांगा कुछ समय
ज्ञापन सौंपे जाने के दौरान विधायक दिलीप सिंह परिहार और नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति गौरव चोपड़ा ने संघर्ष समिति के सदस्यों की बात सुनी। दोनों जनप्रतिनिधियों ने मामले में उचित निर्णय के लिए कुछ समय देने का आग्रह किया। साथ ही समिति को आश्वस्त किया गया कि सभी पहलुओं पर विचार-विमर्श कर जनहित में निर्णय लेने का प्रयास किया जाएगा।
अब संघर्ष समिति और मैदान से जुड़े खिलाड़ियों की निगाह आगे होने वाले निर्णय पर है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में मैदान को लेकर किसी अंतिम निर्णय का उल्लेख नहीं है।
क्रिकेट, फुटबॉल से हॉकी तक का मैदान
संघर्ष समिति के सदस्यों के अनुसार, क्रमांक-2 का यह खेल मैदान वर्षों से शहर में कई खेल गतिविधियों का केंद्र रहा है। यहां क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी, एथलेटिक्स और कबड्डी सहित अलग-अलग खेल गतिविधियां होती रही हैं। समिति का कहना है कि मैदान खिलाड़ियों के अलावा शहरवासियों के लिए भी महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल है। यहां राष्ट्रीय पर्वों से जुड़े आयोजन भी होते रहे हैं।
इसी कारण संघर्ष समिति नीमच क्रमांक-2 खेल मैदान को शहर की खेल संस्कृति से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल बताते हुए इसके स्वरूप में बदलाव का विरोध कर रही है। खिलाड़ियों का कहना है कि मैदान का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए भी जरूरी है।
40 चौराहा पर पहले भी हो चुका प्रदर्शन
मैदान को लेकर विरोध की शुरुआत केवल ज्ञापन तक सीमित नहीं है। कुछ दिन पहले खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और शहरवासियों ने नीमच के 40 चौराहा पर धरना-प्रदर्शन कर क्रमांक-2 के मैदान पर सीएम राइज स्कूल के प्रस्ताव का विरोध दर्ज कराया था। प्रदर्शन के दौरान भी मैदान को स्थायी रूप से खेल गतिविधियों के लिए संरक्षित घोषित करने की मांग की गई थी। इसके बाद अब संघर्ष समिति ने विधायक और नगर पालिका अध्यक्ष तक अपनी बात पहुंचाकर मुहिम को आगे बढ़ाया है।
समिति की मांग है कि शहर में शिक्षा के विकास के लिए काम हो, लेकिन उसके लिए पहले से मौजूद खेल मैदान प्रभावित न हो। इसके लिए वैकल्पिक भूमि का चयन करने का सुझाव दिया गया है।
सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन होगा व्यापक
ज्ञापन के साथ संघर्ष समिति ने यह भी कहा है कि नीमच क्रमांक-2 खेल मैदान को बचाने के लिए सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।खिलाड़ियों का कहना है कि यह मैदान उनके लिए केवल खेल गतिविधियों की जगह नहीं है, बल्कि शहर की खेल विरासत और युवाओं की प्रतिभा से जुड़ा स्थल है। ऐसे में इसे सुरक्षित रखना जरूरी है।
धरना-प्रदर्शन के बाद विधायक और नगर पालिका अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपे जाने से मैदान को लेकर चल रही मुहिम एक और चरण में पहुंच गई है। अब सबसे अहम सवाल यही है कि संघर्ष समिति की मांग और प्रस्तावित सीएम राइज स्कूल के बीच आगे क्या रास्ता निकाला जाता है।
फिलहाल जनप्रतिनिधियों की ओर से सभी पहलुओं पर विचार-विमर्श कर जनहित में निर्णय लेने का प्रयास करने की बात कही गई है। दूसरी ओर संघर्ष समिति नीमच क्रमांक-2 खेल मैदान को स्थायी रूप से संरक्षित रखने की अपनी मांग पर कायम है और सकारात्मक निर्णय नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को व्यापक करने की बात कह रही है।
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