पिपलियामंडी | पिपलियामंडी की कृषि उपज मंडी में अव्यवस्थाओं और शेड के आसपास लंबे समय से खड़े खाली वाहनों को लेकर हम्माल संघ ने अचानक काम बंद कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। काम रुकने के साथ ही मंडी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी हुई और कुछ समय के लिए नीलामी व्यवस्था भी प्रभावित रही। बाद में मंडी प्रशासन से चर्चा और दो दिन में व्यवस्था सुधारने के आश्वासन के बाद हम्मालों ने काम दोबारा शुरू कर दिया।
हम्मालों के अनुसार, मंडी के शेड के आसपास लंबे समय से खाली वाहन खड़े हैं। उनका कहना है कि इन वाहनों के कारण उन्हें काम करने में परेशानी होती है। इसी समस्या के समाधान की मांग को लेकर हम्मालों ने अपना काम रोक दिया और विरोध दर्ज कराया।
शेड के आसपास खड़े वाहनों को लेकर नाराजगी
पिपलियामंडी की कृषि उपज मंडी में हम्मालों के काम बंद करने के बाद मंडी परिसर में स्थिति कुछ समय के लिए प्रभावित रही। प्रदर्शन कर रहे हम्मालों ने मंडी प्रशासन के खिलाफ “मंडी प्रशासन मुर्दाबाद” के नारे लगाए। हम्मालों का कहना है कि शेड के आसपास खाली वाहनों के लंबे समय तक खड़े रहने से काम करने में दिक्कत आती है। उनका कहना है कि इस समस्या का समाधान किया जाना जरूरी है, ताकि मंडी में कामकाज व्यवस्थित तरीके से चल सके।
काम रुका तो नीलामी व्यवस्था पर भी असर
हम्मालों के काम बंद करने का असर कृषि उपज मंडी की नीलामी व्यवस्था पर भी पड़ा। कुछ समय तक नीलामी प्रक्रिया प्रभावित रही। मंडी में आने वाले किसानों और अन्य लोगों को भी इस दौरान परेशानी का सामना करना पड़ा। मंडी की व्यवस्थाओं को लेकर हम्मालों की नाराजगी के बीच मामला प्रशासन तक पहुंचा। इसके बाद मंडी प्रशासन ने हम्माल संघ के प्रतिनिधियों से बातचीत की।
दो दिन का आश्वासन और फिर शुरू हुआ काम
मंडी प्रशासन ने चर्चा के दौरान व्यवस्था में सुधार के लिए दो दिन का आश्वासन दिया। आश्वासन मिलने के बाद हम्मालों ने अपना विरोध समाप्त करते हुए काम फिर से शुरू कर दिया।काम शुरू होने के बाद मंडी की व्यवस्थाएं धीरे-धीरे सामान्य होने लगीं। हालांकि, हम्मालों द्वारा उठाई गई समस्या के स्थायी समाधान को लेकर अब प्रशासन के अगले कदम पर नजर बनी हुई है।
अब सवाल, दो दिन में कितना बदलेगा माहौल?
हम्मालों का कहना है कि मंडी परिसर में लंबे समय से बनी समस्याओं का स्थायी समाधान जरूरी है। उनका कहना है कि व्यवस्था बेहतर होने से किसानों, हम्मालों और मंडी से जुड़े अन्य लोगों को परेशानी से राहत मिल सकती है। फिलहाल कृषि उपज मंडी में काम दोबारा शुरू हो चुका है, लेकिन दो दिन में व्यवस्था सुधारने के दिए गए आश्वासन के बाद अब यह देखना बाकी है कि शेड के आसपास खड़े खाली वाहनों और बताई गई अन्य व्यवस्थागत समस्याओं को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।
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