नीमच में पीड़ित परिवारों को बड़ी राहत: नीमच के परिवारों को 8 लाख की सहायता स्वीकृत, SDM ने दिखाई संवेदनशीलता

नीमच के परिवारों को 8 लाख की सहायता
नीमच | 03 फरवरी 2026 मध्य प्रदेश के नीमच जिले के मनासा उपखंड से एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आ रही है। प्रशासन ने मानवीय संवेदनाओं को सर्वोपरि रखते हुए दो ऐसे परिवारों की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाए हैं, जिन्होंने पानी में डूबने की दुखद घटनाओं में अपने अपनों को खो दिया था। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (SDM) मनासा, सुश्री किरण आंजना ने राजस्व पुस्तक परिपत्र 6(4) के तहत नीमच के परिवारों को 8 लाख की सहायता राशि प्रदान करने की आधिकारिक स्वीकृति दे दी है।
मनासा एसडीएम की त्वरित कार्रवाई से मिली मदद
आमतौर पर सरकारी फाइलों के निपटारे में काफी समय लगता है, लेकिन इस मामले में मनासा एसडीएम सुश्री किरण आंजना ने तत्परता दिखाई। रामपुरा निवासी दो युवकों की असमय मृत्यु के बाद उनके वारिसों को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए प्रशासन ने रिकॉर्ड समय में प्रक्रिया पूरी की। नीमच के परिवारों को 8 लाख की सहायता मिलने से शोक संतप्त परिजनों को भविष्य के लिए एक मजबूत सहारा मिला है।
विस्तृत जानकारी के अनुसार, रामपुरा निवासी गोलू, जिनके पिता नीरज रसानिया हैं, की पानी में डूबने से मृत्यु हो गई थी। इस मामले में राजस्व विभाग ने जांच के बाद पात्रता सही पाई और मृतक के वारिस नीरज पिता गंगाराम के लिए 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मंजूर की। यह सहायता राशि सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी।
परबीन बी को मिला 4 लाख रुपये का आर्थिक संबल
इसी कड़ी में एक और दुखद हादसा रामपुरा के ही शेख समीर के साथ हुआ था। शेख समीर पिता शेख सलीम की भी पानी में डूबने से मृत्यु हो गई थी। परिवार के कमाऊ सदस्य के चले जाने से घर पर आर्थिक संकट गहरा गया था। तहसीलदार रामपुरा ने इस प्रकरण की गंभीरता को समझते हुए तत्काल रिपोर्ट तैयार की और स्वीकृति के लिए एसडीएम मनासा को प्रेषित किया।
एसडीएम ने मामले पर विचार करते हुए मृतक की वारिस परबीन बी पति शेख सलीम को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की। इस प्रकार, दो अलग-अलग मामलों में कुल मिलाकर नीमच के परिवारों को 8 लाख की सहायता का प्रावधान किया गया है। स्थानीय जनता और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन के इस त्वरित और कल्याणकारी कदम की सराहना की है।
क्यों दी जाती है यह आर्थिक सहायता? (RBC 6-4 के नियम)
मध्य प्रदेश शासन के राजस्व पुस्तक परिपत्र (RBC) भाग 6-4 के अंतर्गत प्राकृतिक आपदाओं या दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि के लिए मुआवजे का स्पष्ट प्रावधान है। इसमें पानी में डूबने, सर्पदंश, या प्राकृतिक आपदा से मृत्यु होने पर सरकार द्वारा आर्थिक सहायता दी जाती है। नीमच के परिवारों को 8 लाख की सहायता इसी नियम के तहत संभव हो पाई है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि आपदा की घड़ी में सरकार नागरिकों के साथ खड़ी है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि इस राशि का उद्देश्य केवल वित्तीय मदद देना नहीं, बल्कि पीड़ित परिवार को यह अहसास कराना है कि समाज और सरकार उनके दुख में बराबर के भागीदार हैं। नीमच के परिवारों को 8 लाख की सहायता मिलने के बाद अब पीड़ित परिवार अपनी बुनियादी जरूरतों और भविष्य की योजनाओं को संभाल सकेंगे।
तहसीलदार रामपुरा की जांच रिपोर्ट और एसडीएम मनासा के त्वरित आदेशों ने यह साबित कर दिया है कि यदि प्रशासन चाहे तो योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक बिना किसी देरी के पहुँच सकता है।

