नीमच: अंजलि नायक केस में सुसाइड नोट ने खोले राज, बुआ-फूफा पर प्रताड़ना के आरोप; परिजनों ने शव सड़क पर रख किया चक्काजाम

Anjali Nayak Case

Anjali Nayak Case

नीमच: मध्य प्रदेश के नीमच जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरे पुलिस प्रशासन और सामाजिक ताने-बाने को हिलाकर रख दिया है। नीमच सिटी थाना क्षेत्र के ग्राम ढाबा की रहने वाली 17 वर्षीय छात्रा अंजलि नायक, जो पिछले चार दिनों से लापता थी, उसका शव शनिवार को गांव के ही एक कुएं में मिला। इस Anjali Nayak Case ने रविवार को तब उग्र रूप ले लिया जब पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मनासा-नीमच मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। छात्रा के पास से मिले सुसाइड नोट ने इस मामले में रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे किए हैं।

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लापता छात्रा और कुएं में मिला शव

घटनाक्रम की शुरुआत 4 फरवरी को हुई थी, जब अंजलि अपने हॉस्टल जाने के लिए घर से निकली थी। वह घर से तो निकली लेकिन हॉस्टल नहीं पहुंची। परिजनों की बेचैनी तब बढ़ गई जब काफी तलाश के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं लगा। शनिवार को गांव के एक कुएं में उसका शव तैरता हुआ पाया गया, जिसके बाद इलाके में सन्नाटा पसर गया। इस Anjali Nayak Case की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शव को कुएं से बाहर निकलवाया। रविवार को जिला अस्पताल में पीएम के बाद जब शव परिजनों को सौंपा गया, तो उनका धैर्य जवाब दे गया।

सुसाइड नोट: “उन्होंने मेरा पीछा किया और मारने की धमकी दी”

पुलिस को मृतका के पास से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जो इस Anjali Nayak Case की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। अंजलि ने अपनी मौत का जिम्मेदार अपने ही सगे रिश्तेदारों को ठहराया है। सुसाइड नोट में उसने अपनी बुआ रामू बाई, फूफा बद्रीलाल और बड़ी मम्मी सुगना बाई पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

अंजलि ने अपने पत्र में लिखा—

“मैं रास्ते से स्कूल की बस पकड़ने के लिए जा रही थी। तभी रोड पर सामने से मेरी बुआ रामू बाई, उसका पति बद्री लाल और बड़ी मम्मी सुगना बाई गाड़ी से आए। उन्हें देखकर मैं डर के मारे गांव की तरफ भागी। बड़ी मम्मी और सुगना बाई ने मुझसे कहा कि तूने मेरे ऊपर केस कैसे कर दिया? मैं तुझे मार दूंगी। वे गाड़ी लेकर मेरा पीछा कर रहे थे और मुझे मारने की धमकी दे रहे थे।”

अंजलि ने सुसाइड नोट के अंत में इन तीनों को धारा 302 के तहत उम्रकैद की सजा देने की मांग की है।

जवासा चौराहे पर ढाई घंटे तक भारी बवाल

Anjali Nayak Case
परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर विरोध प्रदर्शन किया।

Anjali Nayak Case में रविवार सुबह 10 बजे जैसे ही अंजलि का शव गांव पहुंचा, आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने जवासा चौराहे पर जाम लगा दिया। मनासा-नीमच सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इस Anjali Nayak Case में न्याय की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। स्थिति उस समय और अधिक तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारी शव को करीब 50 मीटर आगे ले गए ताकि वैकल्पिक मार्गों को भी पूरी तरह बंद किया जा सके।

Anjali Nayak Case
प्रदर्शन और परिजनों के बीच प्रदर्शन के दौरान बहसबाजी भी हुई।

प्रदर्शन के दौरान अंजलि की मां शांति बाई अपनी बेटी का शव देखकर बार-बार बेसुध हो रही थीं। उन्हें संभालना मुश्किल हो रहा था, जिसके बाद उन्हें पास के एक क्लिनिक में भर्ती कराना पड़ा। परिजनों का साफ तौर पर कहना था कि जब तक बुआ, फूफा और बड़ी मम्मी को गिरफ्तार नहीं किया जाता, वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।

पुरानी रंजिश और मारपीट का पृष्ठभूमि

Anjali Nayak Case में परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि यह हादसा टाला जा सकता था। उनके अनुसार, 3 फरवरी को ही आरोपियों ने अंजलि और उसकी मां के साथ मारपीट की थी। इसकी शिकायत थाने में दर्ज कराई गई थी, लेकिन पुलिस की ढीली कार्रवाई ने आरोपियों के हौसले बुलंद कर दिए। ग्रामीणों का कहना है कि अगर पुलिस समय रहते सख्त कदम उठाती, तो शायद अंजलि आज जीवित होती। इस Anjali Nayak Case ने अब पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लगा दिए हैं।

प्रशासन का आश्वासन और वर्तमान स्थिति

Anjali Nayak Case में करीब ढाई घंटे के भारी हंगामे के बाद सीएसपी किरण चौहान, तहसीलदार संतोष कुमार और नीमच सिटी थाना प्रभारी पुष्पा चौहान मौके पर पहुंचे। पुलिस ने परिजनों को आश्वासन दिया कि सुसाइड नोट के आधार पर जांच तेजी से चल रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। सीएसपी किरण चौहान ने बताया कि फिलहाल मर्ग कायम किया गया है और सुसाइड नोट की सत्यता की जांच की जा रही है, जिसके बाद ही विधिवत गिरफ्तारी होगी।

Anjali Nayak Case
पुलिस की समझाइश के बाद परिजनों ने चक्काजाम खत्म किया।

समझाइश के बाद परिजनों ने चक्काजाम समाप्त किया और शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए। हालांकि, गांव में अब भी तनाव का माहौल है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। यह Anjali Nayak Case अब केवल एक आत्महत्या का मामला नहीं रह गया है, बल्कि एक परिवार के आपसी विवाद में एक मासूम जान जाने की दुखद मिसाल बन गया है।


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