सरसों की फसल में छिपाई गई 78 किलो अवैध अफीम बरामद, तस्कर के मंसूबों पर फिरा पानी

अफीम

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नीमच (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के नीमच जिले में नशा माफियाओं के खिलाफ पुलिस का अभियान अब अपने सबसे आक्रामक दौर में पहुंच गया है। पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा चलाए जा रहे नशा विरोधी अभियान के तहत सिंगोली थाना पुलिस ने एक ऐसी कार्रवाई को अंजाम दिया है, जिसने क्षेत्र के मादक पदार्थ तस्करों के बीच हड़कंप मचा दिया है। ग्राम अथवा बुजुर्ग में की गई इस छापेमारी में पुलिस ने न केवल भारी मात्रा में अवैध अफीम की फसल पकड़ी, बल्कि एक ऐसे शातिर तस्कर को भी गिरफ्तार किया है जो कानून की नजरों से बचने के लिए खेती का सहारा ले रहा था।

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अफीम मुखबिर का सटीक जाल और पुलिस की मुस्तैदी

12 फरवरी 2026 की सुबह सिंगोली थाना प्रभारी निरीक्षक जितेन्द्र कुमार वर्मा को एक बेहद गोपनीय और सटीक सूचना प्राप्त हुई। मुखबिर ने जानकारी दी थी कि ग्राम अथवा बुजुर्ग के एक खेत में सरसों की फसल की आड़ में प्रतिबंधित अफीम की खेती की जा रही है। आमतौर पर तस्कर ऐसी जगहों का चुनाव करते हैं जहां आम लोगों या पुलिस की पहुंच कम हो। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी ने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया और तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया। पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए ग्राम अथवा बुजुर्ग की ओर कूच किया और संदिग्ध खेत की चारों तरफ से घेराबंदी कर दी।

सरसों के बीच ‘नशीला साम्राज्य’

जब पुलिस की टीम खेत के भीतर दाखिल हुई, तो प्रथम दृष्टया वहां केवल सरसों के ऊंचे-ऊंचे पौधे नजर आ रहे थे। लेकिन जैसे ही टीम खेत के बीचों-बीच पहुंची, वहां का नजारा देखकर पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए। आरोपी ने सरसों के पौधों के बीच छोटे-छोटे पैच बनाकर अफीम की फसल लगा रखी थी। यह तकनीक इसलिए अपनाई गई थी ताकि हवाई सर्वेक्षण या दूर से देखने पर किसी को भी यह पता न चले कि खेत में कुछ अवैध उगाया जा रहा है। पुलिस ने मौके पर ही पाया कि अफीम के पौधे पूरी तरह तैयार थे और उनमें नशीला पदार्थ पर्याप्त मात्रा में मौजूद था।

78.920 किलोग्राम अफीम और आरोपी की गिरफ्तारी

पुलिस ने मौके पर ही सरकारी पंचों को बुलाया और अवैध फसल की कटाई करवाकर उसका वजन करवाया। तौल के दौरान कुल 78.920 किलोग्राम गीले अफीम के पौधे पाए गए। जानकारों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में इन पौधों और इनसे निकलने वाले पदार्थ की कीमत लगभग 7 लाख 90 हजार रुपये आंकी गई है। मौके से खेत के मालिक रतनलाल पिता कन्हैयालाल, उम्र 36 वर्ष को हिरासत में लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करता रहा, लेकिन जब पुलिस ने सबूत सामने रखे तो वह टूट गया।

NDPS एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई

सिंगोली पुलिस ने आरोपी रतनलाल के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। जब्त की गई अफीम को सील कर दिया गया है और आरोपी को न्यायालय में पेश करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस का मानना है कि यह आरोपी केवल एक मोहरा हो सकता है और इसके पीछे कोई बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा होगा जो अवैध अफीम को प्रोसेस कर बड़े शहरों में सप्लाई करता है।

तस्करों का नया तरीका और पुलिस की चुनौती

यह मामला सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन अब उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दे रहा है जहां मिश्रित खेती की जाती है। नीमच और आसपास के इलाकों में अफीम की तस्करी एक बड़ी चुनौती रही है, लेकिन अब तस्करों द्वारा वैध फसलों के बीच अवैध नशा उगाना पुलिस के लिए नई चुनौती बन गया है। निरीक्षक जितेन्द्र कुमार वर्मा ने बताया कि पुलिस अब ड्रोन कैमरों और तकनीकी सर्विलांस का सहारा ले रही है ताकि ऐसे छिपे हुए खेतों का पता लगाया जा सके।

जांच का दायरा बढ़ा: कौन है असली मास्टरमाइंड?

गिरफ्तार आरोपी रतनलाल से कड़ी पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसे अफीम के बीज कहां से मिले और वह इस फसल को किसे सौंपने वाला था। पुलिस को संदेह है कि इस धंधे में राजस्थान के कुछ सीमावर्ती तस्कर भी शामिल हो सकते हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है। सिंगोली पुलिस की इस सफलता ने यह साफ कर दिया है कि जिले में किसी भी तरह का नशा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जनता से पुलिस की अपील

पुलिस अधीक्षक ने इस कार्रवाई के बाद आम नागरिकों से अपील की है कि वे समाज को नशा मुक्त बनाने में पुलिस का सहयोग करें। यदि किसी को भी अपने आसपास अफीम की अवैध खेती या मादक पदार्थों की बिक्री की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें। आपकी एक छोटी सी जानकारी समाज के भविष्य को सुरक्षित कर सकती है।


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