विदिशा कार हादसा: तालाब में गिरी कार, 3 बारातियों की मौत

विदिशा कार हादसा

विदिशा कार हादसा

विदिशा (MP NEWS): शादी-ब्याह के मौसम में अक्सर खुशियों का शोर सुनाई देता है, लेकिन मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में गुरुवार की काली रात यह शोर चीख-पुकार और मातम में बदल गया। जिले में हुए एक भीषण विदिशा कार हादसा ने तीन हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ दिया है। बारातियों से भरी एक तेज रफ़्तार टवेरा कार, जो अपनी मंजिल से महज कुछ ही दूरी पर थी, अंधेरे में अनियंत्रित होकर सड़क किनारे 30 फीट गहरे सूखे तालाब में जा गिरी। इस रूह कंपा देने वाले एक्सीडेंट में 3 लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 7 लोग जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं।

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मंजिल से 1 किमी पहले ही रूक गईं सांसें,

यह पूरा विदिशा कार हादसा, विदिशा कोतवाली थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, गैरतगंज से जाफरखेड़ी निवासी दशरथ सिंह के यहाँ बारात आ रही थी। कार में सवार सभी 10 लोग शादी समारोह में शामिल होने के लिए निकले थे। वे उत्साह से भरे थे, हंसी-मजाक चल रहा था और विवाह स्थल महज 1 किलोमीटर दूर रह गया था। लेकिन, किसे पता था कि यह उनका आखिरी सफर होगा।

प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस की शुरूआती जांच बताती है कि विदिशा कार हादसा में कार की रफ़्तार काफी तेज थी। रात का घना अंधेरा और अनजान रास्ता होने की वजह से ड्राइवर मोड़ पर गाड़ी संभाल नहीं पाया। देखते ही देखते कार हवा में लहराती हुई सीधे 30 फीट नीचे सूखी जमीन पर जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार पूरी तरह पिचक गई।

मौके पर मची अफरा-तफरी, खून से लथपथ निकले लोग

विदिशा कार हादसा के तुरंत बाद जोर की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और शादी वाले घर के लोग मौके की तरफ भागे। वहां का मंजर देखकर हर किसी का दिल दहल गया। कार के अंदर लोग फंसे हुए थे और दर्द से कराह रहे थे। ग्रामीणों ने टॉर्च की रोशनी में, बिना एम्बुलेंस का इंतज़ार किये, अपने निजी वाहनों से रेस्क्यू शुरू किया।

इस भयानक विदिशा कार हादसा में 35 वर्षीय राजेश लोधी, 35 वर्षीय चंद्रशेखर और कार चला रहे 30 वर्षीय सोनू लोधी की सांसें मौके पर ही थम गईं। जब उन्हें बाहर निकाला गया, तब तक वे दम तोड़ चुके थे। वहीं, घायलों की हालत देखकर रूह कांप जाए—किसी का हाथ शरीर से अलग होने की कगार पर था, तो किसी के सीने और पेट में लोहे के हिस्से घुस गए थे।

घायलों की सूची और स्थिति:

  • अशोक लोधी (25): बायां हाथ बुरी तरह फ्रैक्चर।
  • राज बोधी (14): पेट में गंभीर अंदरूनी चोटें।

  • बृजेश लोधी (27) व सुदीप लोधी (20): सीने में गंभीर आघात।

 

आधी रात बिगड़ी हालत, भोपाल रेफर

घायलों को पहले विदिशा जिला अस्पताल लाया गया। यहाँ प्राथमिक उपचार के बाद 45 वर्षीय भावसिंह लोधी, 10 साल के मासूम ऋतुराज लोधी और एक अन्य की हालत तेजी से बिगड़ने लगी। डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत विदिशा मेडिकल कॉलेज भेजा, लेकिन वहां भी स्थिति नियंत्रण में नहीं आई। अंततः, उनकी नाजुक हालत को देखते हुए देर रात ही उन्हें भोपाल रेफर कर दिया गया। फिलहाल भोपाल के बड़े अस्पतालों में उनकी सांसें वेंटिलेटर और दुआओं पर टिकी हैं।

कलेक्टर ने खुद संभाली कमान

विदिशा कार हादसा की सूचना मिलते ही विदिशा कलेक्टर अंशुल गुप्ता तुरंत जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों के बेड तक जाकर उनका हाल जाना और सीएमएचओ व सिविल सर्जन डॉ. अनूप वर्मा को सख्त निर्देश दिए कि इलाज में कोई कमी न रहे। कलेक्टर ने घटनास्थल का भी बारीकी से निरीक्षण किया। एडीएम, तहसीलदार, सीएसपी और थाना प्रभारी पूरी रात राहत कार्यों में जुटे रहे।

सड़क सुरक्षा पर फिर गहराया सवाल

सिविल सर्जन डॉ. अनूप वर्मा ने पुष्टि की है कि इस विदिशा कार हादसा में 4 गंभीर मरीजों को भोपाल भेजा गया है, जबकि 3 का इलाज जिला अस्पताल में ही चल रहा है और वे खतरे से बाहर हैं। यह हादसा एक कड़वा सबक है कि जश्न की जल्दी और रफ़्तार का नशा कैसे पल भर में सब कुछ तबाह कर सकता है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और जांच जारी है, लेकिन गाँव में पसरा सन्नाटा और परिजनों के आंसू बता रहे हैं कि उन्होंने क्या खोया है।


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