MP Wheat Bonus: गेहूं पर ₹40 बोनस और उड़द पर ₹600 प्रोत्साहन, किसानों के लिए नई राहत

MP Wheat Bonus

भोपाल । मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए गेहूं और दलहनी फसलों की खरीदी को लेकर बड़ा फैसला लिया है। मध्य प्रदेश गेहूं बोनस (MP Wheat Bonus) योजना के तहत राज्य सरकार ने गेहूं की सरकारी खरीदी पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के अलावा ₹40 प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा की है। वहीं उड़द की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए ₹600 प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि भी देने का निर्णय लिया गया है।

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह घोषणा भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक के बाद की। सरकार का कहना है कि मध्य प्रदेश गेहूं बोनस (MP Wheat Bonus) से किसानों की आय में वृद्धि होगी और उन्हें अपनी फसल का बेहतर मूल्य मिल सकेगा।

गेहूं खरीदी पर मिलेगा बोनस

राज्य सरकार के अनुसार इस वर्ष गेहूं की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य के साथ अतिरिक्त बोनस देकर की जाएगी। वर्तमान में गेहूं का MSP ₹2585 प्रति क्विंटल निर्धारित है। मध्य प्रदेश गेहूं बोनस (MP Wheat Bonus) के तहत किसानों को प्रति क्विंटल ₹40 अतिरिक्त दिए जाएंगे, जिससे किसानों को कुल ₹2625 प्रति क्विंटल तक का लाभ मिल सकेगा।

सरकार का मानना है कि यह कदम किसानों को आर्थिक राहत देने के साथ-साथ सरकारी खरीदी को भी बढ़ावा देगा। खासतौर पर उन किसानों को फायदा होगा जो अपनी फसल सीधे मंडियों में सरकारी समर्थन मूल्य पर बेचते हैं।

पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाई

गेहूं खरीदी के लिए किसानों का पंजीयन अनिवार्य है। मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पंजीयन की अंतिम तिथि 7 मार्च से बढ़ाकर 10 मार्च कर दी गई है।

सरकार का कहना है कि मध्य प्रदेश गेहूं बोनस (MP Wheat Bonus) योजना का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचे, इसलिए यह समय सीमा बढ़ाई गई है। इससे ऐसे किसान भी पंजीयन कर पाएंगे जो किसी कारण से पहले आवेदन नहीं कर सके थे।

उड़द की खेती को बढ़ावा

राज्य सरकार ने दलहनी फसलों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए भी बड़ा कदम उठाया है। उड़द की सरकारी खरीदी पर ₹600 प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की गई है।

सरकार का मानना है कि इससे किसान केवल गेहूं और धान जैसी पारंपरिक फसलों तक सीमित नहीं रहेंगे बल्कि दलहनी फसलों की खेती भी बढ़ेगी। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार फसल विविधीकरण से मिट्टी की उर्वरता भी बनी रहती है और किसानों की आय के नए स्रोत भी तैयार होते हैं।

सिंचाई के लिए दिन में बिजली

मुख्यमंत्री ने किसानों की एक और महत्वपूर्ण मांग को पूरा करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि सिंचाई के लिए किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।

अब तक कई क्षेत्रों में किसानों को रात में बिजली मिलने के कारण खेतों में सिंचाई करनी पड़ती थी, जिससे दुर्घटनाओं और असुविधाओं का खतरा बना रहता था। सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था से किसानों को काफी राहत मिलेगी।

MSP पर खरीदी जाने वाली प्रमुख फसलें

राज्य में कई फसलों की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जाती है। वर्तमान में तय MSP इस प्रकार है:

  • गेहूं – ₹2585 प्रति क्विंटल

  • धान (सामान्य) – ₹2369 प्रति क्विंटल

  • सोयाबीन – ₹5328 प्रति क्विंटल

  • उड़द – ₹7400 प्रति क्विंटल

  • मूंग – ₹8558 प्रति क्विंटल

  • अरहर – ₹8000 प्रति क्विंटल

  • चना – ₹5875 प्रति क्विंटल

  • मसूर – ₹7000 प्रति क्विंटल

  • सरसों – ₹6200 प्रति क्विंटल

प्रदेश में मुख्य रूप से गेहूं, धान, चना, मसूर और सरसों की सरकारी खरीदी बड़े पैमाने पर होती है। सरकार का मानना है कि मध्य प्रदेश गेहूं बोनस (MP Wheat Bonus) जैसे कदम किसानों को सरकारी खरीद प्रणाली से जोड़ने में मदद करेंगे।

विपक्ष ने उठाए सवाल

सरकार की इस घोषणा पर विपक्ष ने सवाल भी उठाए हैं। कांग्रेस के किसान नेता केदार सिरोही ने कहा कि किसान लंबे समय से गेहूं का भाव ₹2700 प्रति क्विंटल करने की मांग कर रहे हैं।

उनका कहना है कि मध्य प्रदेश गेहूं बोनस (MP Wheat Bonus) के तहत घोषित ₹40 प्रति क्विंटल बोनस किसानों की अपेक्षाओं से कम है और इससे उनकी लागत का पूरा लाभ नहीं मिल पाएगा।

किसानों को कितना होगा फायदा

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यदि कोई किसान 100 क्विंटल गेहूं बेचता है तो मध्य प्रदेश गेहूं बोनस (MP Wheat Bonus) के तहत उसे लगभग ₹4000 अतिरिक्त लाभ मिल सकता है। हालांकि यह राशि किसानों की अपेक्षा से कम मानी जा रही है, फिर भी सरकार इसे किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक कदम बता रही है।

आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस योजना को आगे बढ़ाती है या किसानों की मांग के अनुसार बोनस और समर्थन मूल्य में और वृद्धि करती है।


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