Women’s Day: महिला दिवस पर 10 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सम्मानित, 33% आरक्षण को बताया ऐतिहासिक कदम

नीमच: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (International Women’s Day) एक ऐसा खास अवसर है जो दुनिया भर में महिलाओं के अदम्य साहस, उनकी उपलब्धियों और समाज में उनके महत्वपूर्ण योगदान को सलाम करने के लिए मनाया जाता है।
इसी कड़ी में, मध्य प्रदेश के नीमच जिले में भी महिला सशक्तिकरण की एक बेहद मजबूत झलक देखने को मिली। आगामी 8 मार्च को होने वाले अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में, शनिवार 7 मार्च 2026 को महिला दिवस (Women’s Day) के तहत एक भव्य और प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
यह विशेष कार्यक्रम महिला एवं बाल विकास परियोजना, नीमच ग्रामीण के तत्वावधान में जनपद पंचायत नीमच के विशाल सभाकक्ष में संपन्न हुआ। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य न केवल ग्रामीण अंचल की महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना था, बल्कि उन जमीनी स्तर की महिला कार्यकर्ताओं को भी सम्मानित करना था जो दिन-रात समाज की भलाई के लिए कार्य कर रही हैं।
कार्यक्रम का शानदार आगाज और रूपरेखा
कार्यक्रम की शुरुआत में महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी श्री इरफान अंसारी ने सभी अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने महिला दिवस (Women’s Day) के इस खास मौके पर अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
श्री अंसारी ने आयोजन की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि कैसे यह दिन महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति सजग करने का एक बेहतरीन मंच है और समाज में उनकी भूमिका कितनी अहम है।
महिलाएं समाज की मजबूत आधारशिला: श्रीमती शारदा धनगर
इस गरिमामय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद अध्यक्ष श्रीमती शारदा मदनलाल धनगर उपस्थित रहीं। अपने प्रभावशाली उद्बोधन में उन्होंने कहा कि महिलाएं किसी भी समाज और राष्ट्र की सबसे मजबूत आधारशिला होती हैं।
उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी महिलाओं से खुले शब्दों में आह्वान किया कि वे केवल घर-परिवार तक सीमित न रहें, बल्कि समाज के समग्र विकास और कल्याण के कार्यों में अपनी सक्रिय और सशक्त भागीदारी सुनिश्चित करें। इसके साथ ही उन्होंने महिलाओं को अपने कानूनी और सामाजिक अधिकारों के प्रति हमेशा जागरूक रहने की नेक सलाह भी दी।
33 प्रतिशत आरक्षण एक ऐतिहासिक कदम: श्रीमती वंदना खंडेलवाल
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष श्रीमती वंदना खंडेलवाल ने एक बेहद सशक्त संदेश दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज के आधुनिक युग में महिलाएं किसी से पीछे नहीं हैं और वे हर छोटे-बड़े क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने देश के प्रधानमंत्री द्वारा महिलाओं को राजनीतिक और सामाजिक मंच पर अधिकार दिलाने के उद्देश्य से लागू किए गए 33 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान की जमकर सराहना की।
श्रीमती खंडेलवाल ने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ‘ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम’ करार दिया। इसके अलावा, उन्होंने माताओं से अपील की कि वे अपने परिवार में बच्चों को बेहतर संस्कार और अनुशासन सिखाने पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि आज के बच्चे ही कल का सुरक्षित भविष्य हैं।
इसी क्रम में, श्रीमती ममता नागदा ने भी मंच से महिलाओं को संबोधित किया। उन्होंने सभी महिलाओं से अपनी आंतरिक शक्ति और छिपी हुई क्षमताओं को पहचानने का विशेष रूप से आव्हान किया।
सुरक्षा और सम्मान हर महिला का मौलिक अधिकार
आयोजन के दौरान जनपद महिला एवं बाल विकास समिति के सम्मानित सभापति श्री रतनलाल मलावत ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस देश की प्रत्येक महिला को पूर्ण सुरक्षा और सम्मान के साथ जीने का कानूनी और नैतिक अधिकार प्राप्त है।
समाज का यह पहला कर्तव्य है कि वह महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण का निर्माण करे।
महिला कल्याण की प्रमुख सरकारी योजनाओं पर चर्चा
महिला दिवस (Women’s Day) के इस मंच से सरकारी योजनाओं की जानकारी भी प्रमुखता से साझा की गई। परियोजना अधिकारी श्री इरफान अंसारी ने अपने दूसरे संबोधन में बताया कि शासन द्वारा महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक उत्थान, समाज से लिंग भेद को पूरी तरह समाप्त करने और प्रदेश के लिंगानुपात में सकारात्मक सुधार लाने के लिए कई बेहतरीन और महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
उन्होंने विशेष रूप से ‘लाड़ली लक्ष्मी योजना‘, ‘प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना‘ और मध्य प्रदेश की बहुचर्चित ‘लाड़ली बहना योजना’ का जिक्र किया, जो महिलाओं के जीवन स्तर में एक बड़ा बदलाव ला रही हैं।
उत्कृष्ट कार्य करने वाली 10 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हुईं सम्मानित
इस महिला दिवस (Women’s Day) कार्यक्रम का सबसे बड़ा और भावुक आकर्षण वह पल था, जब जमीनी स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान किया गया। जिन कार्यकर्ताओं ने अपने क्षेत्र में स्वास्थ्य, पोषण और जागरूकता के क्षेत्र में बेहतरीन काम किया है, उन्हें मंच पर बुलाकर प्रशस्ति पत्र (सर्टिफिकेट) प्रदान कर सम्मानित किया गया।
सम्मानित होने वाली इन कर्मठ कार्यकर्ताओं में सुश्री हंसा माली, कैलाश अहिरवार, अंजू, देवकन्या मेघवाल, शोभा व्यास, पुष्पा अग्रवाल, सपना कसेरा, ज्योति शर्मा, पूजा मेघवाल और जसोदा बाई शामिल हैं। इस सम्मान ने न केवल इन महिलाओं का उत्साह बढ़ाया, बल्कि अन्य कार्यकर्ताओं को भी बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
प्रेरक प्रसंगों और कविताओं ने बांधा समां
कार्यक्रम को और अधिक रोचक बनाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी कला का प्रदर्शन भी किया। उन्होंने महिला सशक्तिकरण पर आधारित सुंदर गीत और जोशीली कविताएं प्रस्तुत कीं। इसके अलावा, खेल जगत और अन्य क्षेत्रों में देश का गौरव बढ़ाने वाली भारत की महान महिला खिलाड़ियों और हस्तियों के प्रेरक प्रसंग भी सबके साथ साझा किए गए। इन कहानियों ने वहां मौजूद हर महिला के अंदर एक नई ऊर्जा का संचार किया।
इस पूरे और व्यवस्थित कार्यक्रम का सफल संचालन पर्यवेक्षक श्रीमती पिंकी भाटिया ने बहुत ही शानदार तरीके से किया। उनके अलावा अन्य उपस्थित वक्ताओं ने भी महिला सशक्तिकरण के ज्वलंत विषय पर अपने-अपने बहुमूल्य विचार मंच के माध्यम से व्यक्त किए। कुल मिलाकर, महिला दिवस (Women’s Day) के इस शानदार आयोजन में सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और ग्रामीण महिलाओं ने भारी उत्साह के साथ भाग लिया।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का यह कार्यक्रम सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज की उस सोच को बदलने की एक सार्थक पहल है, जो महिलाओं को कमजोर मानती है। नीमच जिले में हुए इस आयोजन ने यह साबित कर दिया है कि अगर महिलाओं को सही मार्गदर्शन, सम्मान और अवसर मिले, तो वे समाज की दिशा और दशा दोनों बदल सकती हैं।
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