Manasa news : 40 फीट का रास्ता 5 फीट कैसे हुआ? प्रशासन का अतिक्रमण पर कड़ा प्रहार

मनासा न्यूज़ (दिलीप बोराना)। नीमच जिले के मनासा शहर में जैसे-जैसे आबादी और शहरीकरण का ग्राफ ऊपर जा रहा है, वैसे-वैसे खाली पड़ी सरकारी जमीनों और आम रास्तों पर कब्जे के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। आज की सबसे चर्चित मनासा न्यूज़ (Manasa news) इसी अतिक्रमण और उस पर हुए कड़े प्रशासनिक प्रहार से जुड़ी है।
मामला नगर परिषद कार्यालय के ठीक सामने टीवीएस शोरूम के पास का है। यहां से गांव हांसपुर की ओर जाने वाला एक मुख्य आम रास्ता, जो कभी 40 फीट चौड़ा हुआ करता था, अतिक्रमणकारियों की भेंट चढ़ गया। हालात ये हो गए कि यह चौड़ा मार्ग धीरे-धीरे सिमटकर मात्र 5 से 7 फीट की एक तंग गली में तब्दील हो गया। अब प्रशासन ने इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेते हुए जो बड़ी कार्रवाई की है, उससे क्षेत्र के रहवासियों ने राहत की सांस ली है।
कंटीली झाड़ियों और गंदे पानी ने राहगीरों का जीना किया था मुहाल

स्थानीय निवासियों और वहां से रोजाना गुजरने वाले राहगीरों की मानें तो रास्ते पर अतिक्रमण के कारण आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया था। जो थोड़ा बहुत संकरा रास्ता बचा भी था, उस पर बड़ी-बड़ी कंटीली झाड़ियां उग आई थीं।
हालात इतने बदतर हो गए थे कि आसपास की नई और पुरानी कॉलोनियों से निकलने वाला गंदा पानी भी इसी रास्ते पर जमा हो रहा था। यह जलभराव न केवल भयंकर बदबू पैदा कर रहा था, बल्कि मच्छरों और जलजनित बीमारियों का घर बन चुका था। यहां से स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं का पैदल निकलना भी जान जोखिम में डालने जैसा था।
भाजपा नेता प्रद्युम्न मारू ने उठाई आवाज, तहसील में दर्ज कराई शिकायत
जनता की इस भारी परेशानी को देखते हुए आखिरकार राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर कदम उठाए गए। इस मामले में मनासा के स्थानीय विधायक अनिरुद्ध मारू के काका और वरिष्ठ भाजपा नेता प्रद्युम्न मारू ने आगे आकर मोर्चा संभाला।
उन्होंने एक जागरूक नागरिक की तरह तहसील कार्यालय पहुंचकर इस अतिक्रमण के खिलाफ सख्त लिखित शिकायत दर्ज कराई। स्थानीय लोगों के लिए यह एक बेहद महत्वपूर्ण मनासा न्यूज़ (Manasa news) बन गई है, क्योंकि आम जनता लंबे समय से इस रास्ते के खुलने और गंदगी से निजात पाने का इंतजार कर रही थी। शिकायत में स्पष्ट रूप से कहा गया कि आम लोगों के हक का रास्ता तुरंत बहाल होना चाहिए।
आखिर अचानक क्यों पड़ी इस पुराने रास्ते को खुलवाने की जरूरत?
इस रास्ते को अतिक्रमण मुक्त करवाना अब महज एक नागरिक सुविधा का नहीं, बल्कि एक बड़ी मजबूरी का सवाल बन चुका है। दरअसल, वर्तमान में पुलिस कॉलोनी में बाउंड्री वॉल का निर्माण कार्य प्रस्तावित है और जल्द ही यह काम गति पकड़ने वाला है।
अगर यह दीवार पूरी तरह से बन जाती है, तो उसके ठीक पीछे बसी कई घनी कॉलोनियों के निवासियों के लिए बाहर निकलने का कोई सीधा और सुलभ मार्ग नहीं बचेगा। उनके आवागमन के पूरी तरह बंद होने का एक बड़ा खतरा मंडरा रहा था। भविष्य की इस विकराल समस्या को भांपते हुए ही इस पुराने सार्वजनिक मार्ग को खुलवाने की यह मुहिम तेज की गई है।
28 फरवरी को एक्शन में आया प्रशासन, चला जेसीबी का पीला पंजा
शिकायत दर्ज होने के बाद राजस्व विभाग और नगर परिषद की टीम पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गई। 28 फरवरी को प्रशासनिक अमले की एक संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों की मौजूदगी में जेसीबी मशीन की मदद से सबसे पहले रास्ते पर उगी भारी कंटीली झाड़ियों को जड़ से उखाड़ फेंका गया। गंदे पानी की निकासी का तुरंत अस्थाई इंतजाम किया गया ताकि लोग कम से कम इस रास्ते का उपयोग शुरू कर सकें।
सीमांकन में चौंकाने वाला खुलासा: कॉलोनाइजर ने बना दी 30 फीट पक्की सड़क
प्रशासन की कार्रवाई सिर्फ झाड़ियां हटाने और रास्ता साफ करने तक ही नहीं रुकी। शुक्रवार को राजस्व विभाग और नगर परिषद की टीम एक बार फिर पूरी तकनीकी तैयारी के साथ सीमांकन (नपती) के लिए मौके पर पहुंची। टीम में राजस्व निरीक्षक (आरआई) कुलदीप डामोर सहित नगर परिषद के कई अधिकारी-कर्मचारी शामिल थे। दिनभर चली इस मैदानी कार्रवाई के दौरान शिकायतकर्ता प्रद्युम्न मारू और नरेंद्र मारू भी लगातार वहां मौजूद रहे और एक-एक चीज की बारीकी से मॉनिटरिंग की।
जब सरकारी रिकॉर्ड और मास्टर प्लान के नक्शे से मौके की नपती की गई, तो एक बड़ा और चौंकाने वाला गोलमाल उजागर हुआ। जांच में स्पष्ट रूप से पाया गया कि इंदौर निवासी विशंभरलाल पिता मांगीलाल बाहेती की कॉलोनी की तरफ पूरे रोड पर लगभग 30 फीट तक का अवैध अतिक्रमण किया गया है।
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि कॉलोनाइजर द्वारा इस सरकारी सार्वजनिक जमीन पर बकायदा पक्की सड़क का निर्माण कर लिया गया था। चूंकि प्रशासन ने प्रारंभिक जांच में इस पक्की सड़क को ‘अस्थायी अतिक्रमण’ माना है, इसलिए आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
आगे क्या? अतिक्रमणकारियों और भूमाफियाओं में हड़कंप
अब प्रशासन की अगली और ठोस कानूनी कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है। इस पूरी घटना ने शहर के उन तमाम लोगों में हड़कंप मचा दिया है जो सरकारी जमीनों पर कब्जा जमाए बैठे हैं। यह मनासा न्यूज़ (Manasa news) उन सभी कॉलोनाइजरों के लिए एक कड़ा संदेश है कि सार्वजनिक संपत्तियों और आम रास्तों पर कब्जा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पीछे की कॉलोनियों में रहने वाले सैकड़ों परिवारों को अब पूरी उम्मीद है कि जल्द ही उनका यह 40 फीट का मुख्य मार्ग पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त हो जाएगा।
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