नीमच। नीमच जिले में अवैध खनन कार्रवाई के तहत प्रशासन ने चार अलग-अलग मामलों में सख्त कदम उठाते हुए वाहन मालिकों पर कुल 3 लाख 52 हजार 700 रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के निर्देश पर खनिज विभाग द्वारा की गई। अधिकारियों के अनुसार जिले में अवैध उत्खनन और बिना अनुमति खनिज परिवहन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
जीरन और विशन्या में पकड़े गए परिवहन के मामले
खनिज विभाग के अनुसार जीरन क्षेत्र में एक ट्रैक्टर में बिना रॉयल्टी रेत का परिवहन पाया गया। इस मामले में वाहन मालिक पर 28 हजार 750 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। वहीं ग्राम विशन्या में एक ट्रैक्टर द्वारा स्वीकृत मात्रा से अधिक गिट्टी परिवहन किए जाने पर वाहन मालिक पर भी 28 हजार 750 रुपये की शास्ति अधिरोपित की गई।
अधिकारियों का कहना है कि खनिज परिवहन के लिए निर्धारित नियमों का पालन अनिवार्य है और उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
लाल मुरूम के अवैध उत्खनन पर सबसे बड़ा जुर्माना
अवैध खनन कार्रवाई के दौरान ग्राम सोनियाना में बिना रॉयल्टी लाल मुरूम के उत्खनन का मामला सामने आया। जांच के बाद वाहन मालिक श्रीलाल आंजना निवासी केसुंदा पर 1 लाख 75 हजार 200 रुपये का जुर्माना लगाया गया। इस राशि में रॉयल्टी का 15 गुना और पर्यावरण क्षतिपूर्ति दोनों शामिल हैं।
खनिज विभाग के मुताबिक यह मामला गंभीर प्रकृति का पाया गया, जिसके चलते बड़ी आर्थिक शास्ति लगाई गई है।
जेसीबी और ट्रैक्टर से उत्खनन पर भी गिरी गाज
ग्राम कुंडालिया में जेसीबी और ट्रैक्टर के माध्यम से बिना रॉयल्टी मुरूम उत्खनन किए जाने का मामला भी कार्रवाई के दायरे में आया। इस प्रकरण में वाहन मालिक मुकेश गुर्जर पर 1 लाख 20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। विभाग के अनुसार प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान पहुंचाने वाले मामलों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
15 दिन में जुर्माना जमा करना होगा
सभी मामलों में कार्रवाई मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भंडारण का निवारण) नियम 2022 के तहत की गई है। कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि जुर्माना राशि शासकीय कोष में जमा होने की पुष्टि के बाद ही जब्त वाहन छोड़े जाएं। इसके लिए संबंधित वाहन मालिकों को 15 दिन का समय दिया गया है।
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