मंदसौर: NDPS के सजायाफ्ता तस्कर की 1.70 करोड़ की कृषि व आवासीय संपत्ति फ्रीज, मुंबई प्राधिकरण का आदेश
Reported by: News Desk | Edited by: आकाश शर्मा
02 जुलाई 2026, (अपडेटेड 02 जुलाई 2026, 11:48 पूर्वाह्न IST)

मंदसौर| मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मंदसौर जिले में एक और बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। पिपलियामंडी थाना क्षेत्र के एक NDPS के सजायाफ्ता तस्कर की 1 करोड़ 70 लाख 45 हजार 40 रुपये मूल्य की कृषि एवं आवासीय संपत्तियों को फ्रीज कर दिया गया है। यह कार्रवाई मुंबई स्थित सक्षम प्राधिकारी द्वारा SAFEMA (Forfeiture of Property) Act, 1976 के तहत जारी अंतिम आदेश के बाद की गई।

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों के विरुद्ध चल रहे अभियान का हिस्सा है। अधिकारियों का कहना है कि जिले में ऐसे मामलों में आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।


2006 के NDPS मामले में हुई थी सजा

पुलिस के मुताबिक, ग्राम खात्याखेड़ी निवासी रमेशचंद्र पोरवाल के खिलाफ वर्ष 2006 में पिपलियामंडी थाने में NDPS Act की धारा 8/18 एवं 29 के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस प्रकरण में न्यायालय ने 27 फरवरी 2012 को आरोपी को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 1 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई थी। इसी मामले के आधार पर आगे संपत्ति की जांच और SAFEMA कानून के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।


परिवार और रिश्तेदारों के नाम दर्ज संपत्तियों की भी हुई जांच

पुलिस ने बताया कि मध्यप्रदेश शासन एवं पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार जिले में मादक पदार्थ तस्करों की आर्थिक गतिविधियों पर भी निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीणा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तेर सिंह बघेल के पर्यवेक्षण तथा मल्हारगढ़ एसडीओपी कीर्ति बघेल के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी विक्रम सिंह इवने ने आरोपी की विस्तृत वंशावली तैयार कराई। इसके बाद आरोपी के परिवार एवं रिश्तेदारों के नाम दर्ज कृषि एवं आवासीय संपत्तियों की जानकारी एकत्रित कर उनका परीक्षण किया गया।


मुंबई स्थित सक्षम प्राधिकारी ने सुनवाई के बाद जारी किया अंतिम आदेश

पुलिस के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद पूरा प्रकरण सक्षम प्राधिकारी SAFEMA/NDPSA न्यायालय, मुंबई को भेजा गया। सभी संबंधित पक्षों को सुनवाई का अवसर दिए जाने के बाद सक्षम प्राधिकारी ने SAFEMA (Forfeiture of Property) Act, 1976 के तहत अंतिम आदेश पारित किया। आदेश के अनुसार आरोपी, उसके परिवार तथा रिश्तेदारों के नाम दर्ज 1 करोड़ 70 लाख 45 हजार 40 रुपये मूल्य की कृषि एवं आवासीय संपत्तियों को फ्रीज करने के निर्देश दिए गए।


जिले में अब तक 385 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज

पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीणा ने बताया कि जिले में मादक पदार्थ तस्करों के विरुद्ध संपत्ति जब्ती एवं फ्रीज करने की कार्रवाई लगातार जारी है। उन्होंने जानकारी दी कि अब तक मंदसौर जिले में करीब 385 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। वहीं वर्ष 2026 के दौरान ही लगभग 35 करोड़ रुपये की संपत्तियां फ्रीज करने की कार्रवाई की गई है।

एसपी के अनुसार, SAFEMA से जुड़े कई अन्य प्रकरण अभी भी मुंबई स्थित सक्षम प्राधिकारी के समक्ष विचाराधीन हैं, जिनमें आने वाले समय में निर्णय आने की संभावना है।


मल्हारगढ़ संभाग में NDPS तस्कर के विरुद्ध सबसे अधिक कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, जिले में अब तक सबसे अधिक संपत्ति फ्रीज करने की कार्रवाई मल्हारगढ़ संभाग में की गई है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध मादक पदार्थों के कारोबार से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। पुलिस का उद्देश्य अवैध कारोबार की आर्थिक संरचना को कमजोर करना है ताकि ऐसे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।



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Aakash Sharma
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आकाश शर्मा मध्यप्रदेश के नीमच क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार और द टाइम्स ऑफ MP के संपादक हैं। उन्हें प्रिंट मीडिया में 12 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव है। लंबे समय से स्थानीय एवं जनसरोकार से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग, समाचार संपादन और समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उन्होंने स्थानीय पत्रकारिता में व्यापक अनुभव हासिल किया है।द टाइम्स ऑफ MP के माध्यम से आकाश शर्मा नीमच, मंदसौर और आसपास के क्षेत्रों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। उनकी कवरेज में स्थानीय प्रशासन, पुलिस एवं कानून-व्यवस्था, जनसमस्याएं, नागरिक सुविधाएं, राजनीति, सामाजिक गतिविधियां, शिक्षा, कृषि, व्यापार और अन्य जनहित से जुड़े विषय शामिल हैं।उनकी संपादकीय कार्यशैली में तथ्यपरक रिपोर्टिंग, स्रोत-आधारित जानकारी, निष्पक्ष प्रस्तुति और जिम्मेदार पत्रकारिता को प्राथमिकता दी जाती है। संवेदनशील और अपराध से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग में आरोप और प्रमाणित तथ्य के बीच अंतर बनाए रखने तथा उपलब्ध आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर खबर प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।पत्रकारिता के साथ आकाश शर्मा पिछले 4 वर्षों से पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में भी कार्य कर रहे हैं। इस भूमिका में वे कानूनी जागरूकता और जनहित से जुड़े कार्यों से जुड़े रहे हैं। इसके साथ ही वे इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशन में जिला उपाध्यक्ष (District Vice President) के दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं।अनुभव 12 वर्ष — प्रिंट मीडिया एवं पत्रकारिता का अनुभव 4 वर्ष — पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में अनुभव संपादक — द टाइम्स ऑफ MP जिला उपाध्यक्ष — इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशनआकाश शर्मा का उद्देश्य स्थानीय स्तर की महत्वपूर्ण सूचनाओं को विश्वसनीय, स्पष्ट, तथ्यपरक और जिम्मेदार पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाना तथा आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी मंच प्रदान करना है।विशेषज्ञता: स्थानीय पत्रकारिता | प्रिंट मीडिया | समाचार संपादन | डिजिटल पत्रकारिता | स्थानीय समाचार रिपोर्टिंग | जनहित के मुद्दे | कानूनी जागरूकता |

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