1.77 करोड़ के मंडी कैश काउंटर बने सवालों के घेरे में, जर्जर शेड पर निर्माण से लेकर टोकन सिस्टम तक गरमाई बहस
Reported by: News Desk | Edited by: आकाश शर्मा
29 जून 2026, (अपडेटेड 29 जून 2026, 10:44 पूर्वाह्न IST)

मंदसौर/पिपलिया। पिपलिया कृषि उपज मंडी में रविवार को उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और सांसद सुधीर गुप्ता ने करीब 1.77 करोड़ रुपये की लागत से बने 32 नए मंडी कैश काउंटर का लोकार्पण किया। इन काउंटरों को किसानों और व्यापारियों के लिए भुगतान व्यवस्था को आसान बनाने की दिशा में बड़ी सुविधा बताया गया। लेकिन उद्घाटन के कुछ ही समय बाद यह परियोजना चर्चा का विषय बन गई। पुराने किसान शेड पर निर्माण, दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया और भविष्य में नई मंडी बनने की योजना के बीच इतने बड़े निवेश को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं।

मामले ने अब सिर्फ एक निर्माण कार्य तक खुद को सीमित नहीं रखा है, बल्कि मंडी कैश काउंटर की पूरी प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता, वित्तीय निर्णय और तकनीकी सुरक्षा पर भी बहस शुरू हो गई है।

23 साल पुराने शेड पर करोड़ों का निर्माण, यही बना सबसे बड़ा सवाल

जानकारी के अनुसार जिन 32 मंडी कैश काउंटर का निर्माण किया गया है, वे वर्ष 2003 में बने किसान शेड के ऊपर तैयार किए गए हैं। स्थानीय स्तर पर यह शेड लंबे समय से जर्जर स्थिति में बताया जाता रहा है। बरसात के दौरान छत से पानी टपकने, प्लास्टर झड़ने और सरिए बाहर दिखाई देने जैसी शिकायतें पहले भी सामने आती रही थीं।

सूत्रों के मुताबिक अतीत में इस भवन को हटाने का प्रस्ताव भी बना था, लेकिन स्वीकृति नहीं मिलने के कारण मरम्मत कर उपयोग जारी रखा गया। अब इसी ढांचे पर 1.77 करोड़ रुपये खर्च कर स्थायी मंडी कैश काउंटर बनाए जाने से निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

नई मंडी प्रस्तावित, फिर पुराने परिसर में इतना बड़ा निवेश क्यों?

इस पूरे मामले का दूसरा बड़ा सवाल पुराने परिसर में हुए भारी निवेश को लेकर है। जानकारी के अनुसार कृषि उपज मंडी को भविष्य में गुड़भेड़ी बड़ी स्थित नए परिसर में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव पहले से मौजूद है।

ऐसे में स्थानीय स्तर पर यह चर्चा तेज हो गई है कि यदि आने वाले समय में मंडी नए स्थान पर शिफ्ट होनी है, तो पुराने परिसर में करोड़ों रुपये खर्च कर मंडी कैश काउंटर बनाने की आवश्यकता क्यों पड़ी। पूर्व मंडी अध्यक्ष और पूर्व उपाध्यक्ष ने भी इसे वित्तीय दृष्टि से उचित नहीं बताया है।

टोकन सिस्टम से आवंटन पर पारदर्शिता के सवाल

विवाद का तीसरा बड़ा कारण 32 कैश काउंटरों का आवंटन है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इन काउंटरों का आवंटन खुली नीलामी के बजाय टोकन प्रणाली से 32 व्यापारियों को किया गया। बताया गया कि प्रत्येक व्यापारी से लगभग 6.70 लाख रुपये लिए जा रहे हैं।

किसान नेता श्यामलाल जोकचंद ने आरोप लगाया कि यदि दुकानों का आवंटन खुली नीलामी से होता तो प्रक्रिया अधिक पारदर्शी रहती। उन्होंने टोकन प्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। हालांकि यह आरोप संबंधित पक्ष का है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

मंडी सचिव ने क्या कहा?

उठ रहे सवालों पर मंडी सचिव ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि किसानों को भुगतान संबंधी सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मंडी कैश काउंटर बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले आरसीसी शेड की तकनीकी जांच कराई गई थी और सभी आवश्यक स्वीकृतियां नियमानुसार प्राप्त करने के बाद ही निर्माण कराया गया। उनके अनुसार भवन सुरक्षित है और निर्माण प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुरूप पूरी की गई है।

व्यापारी संघ ने बताया किसानों के लिए राहत

व्यापारी संघ अध्यक्ष का कहना है कि पुराने भवन की मरम्मत के बाद वह उपयोग योग्य हो गया है। उनके अनुसार नए मंडी कैश काउंटर शुरू होने से किसानों को भुगतान लेने में सुविधा मिलेगी तथा व्यापारियों की कार्यप्रणाली भी अधिक व्यवस्थित होगी। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था मंडी में लेन-देन की प्रक्रिया को पहले की तुलना में अधिक सुचारु बनाएगी।

अब जिन सवालों के जवाब का इंतजार

पूरे मामले के बाद क्षेत्र में कई प्रश्न चर्चा का विषय बने हुए हैं—

  • क्या पहले जर्जर बताए गए भवन पर करोड़ों रुपये खर्च करना उचित निर्णय था?
  • यदि नई मंडी प्रस्तावित है तो पुराने परिसर में स्थायी निर्माण क्यों कराया गया?
  • दुकानों का आवंटन नीलामी की बजाय टोकन प्रणाली से क्यों किया गया?
  • क्या भवन की तकनीकी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी?
  • क्या आवंटन प्रक्रिया से जुड़े सभी दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएंगे?


ताज़ा ख़बरों का अपडेट सीधा अपने फोन पर पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें

Aakash Sharma
Aakash Sharmahttps://thetimesofmp.com
आकाश शर्मा मध्यप्रदेश के नीमच क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार और द टाइम्स ऑफ MP के संपादक हैं। उन्हें प्रिंट मीडिया में 12 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव है। लंबे समय से स्थानीय एवं जनसरोकार से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग, समाचार संपादन और समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उन्होंने स्थानीय पत्रकारिता में व्यापक अनुभव हासिल किया है।द टाइम्स ऑफ MP के माध्यम से आकाश शर्मा नीमच, मंदसौर और आसपास के क्षेत्रों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। उनकी कवरेज में स्थानीय प्रशासन, पुलिस एवं कानून-व्यवस्था, जनसमस्याएं, नागरिक सुविधाएं, राजनीति, सामाजिक गतिविधियां, शिक्षा, कृषि, व्यापार और अन्य जनहित से जुड़े विषय शामिल हैं।उनकी संपादकीय कार्यशैली में तथ्यपरक रिपोर्टिंग, स्रोत-आधारित जानकारी, निष्पक्ष प्रस्तुति और जिम्मेदार पत्रकारिता को प्राथमिकता दी जाती है। संवेदनशील और अपराध से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग में आरोप और प्रमाणित तथ्य के बीच अंतर बनाए रखने तथा उपलब्ध आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर खबर प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।पत्रकारिता के साथ आकाश शर्मा पिछले 4 वर्षों से पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में भी कार्य कर रहे हैं। इस भूमिका में वे कानूनी जागरूकता और जनहित से जुड़े कार्यों से जुड़े रहे हैं। इसके साथ ही वे इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशन में जिला उपाध्यक्ष (District Vice President) के दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं।अनुभव 12 वर्ष — प्रिंट मीडिया एवं पत्रकारिता का अनुभव 4 वर्ष — पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में अनुभव संपादक — द टाइम्स ऑफ MP जिला उपाध्यक्ष — इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशनआकाश शर्मा का उद्देश्य स्थानीय स्तर की महत्वपूर्ण सूचनाओं को विश्वसनीय, स्पष्ट, तथ्यपरक और जिम्मेदार पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाना तथा आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी मंच प्रदान करना है।विशेषज्ञता: स्थानीय पत्रकारिता | प्रिंट मीडिया | समाचार संपादन | डिजिटल पत्रकारिता | स्थानीय समाचार रिपोर्टिंग | जनहित के मुद्दे | कानूनी जागरूकता |

Hot this week

पालसोड़ा एक्सीडेंट में 1 युवक की मौत, 2 की हालत गंभीर

पालसोड़ा एक्सीडेंट: नीमच जिले के जीरन थाना क्षेत्र में...

उज्जैन शूटिंग रेंज मारपीट: VIDEO में कैद कोच पर हमला, सिस्टम पर उठे सवाल

उज्जैन (Ujjain Crime News)। उज्जैन शूटिंग रेंज मारपीट का...

CBN इंस्पेक्टर सिद्धार्थ श्रीवास्तव निलंबित, 10 सितंबर की CBI कार्रवाई के बाद विभागीय आदेश

नीमच/ग्वालियर। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) के इंस्पेक्टर सिद्धार्थ श्रीवास्तव...

ताइक्वांडो में नीमच का दमदार प्रदर्शन, छह स्वर्ण पदक जीते

नीमच। 70वीं शालेय खेलकूद प्रतियोगिता के तहत आयोजित उज्जैन...

विजय केडिया के दांव वाले इस शेयर ने 1 लाख को बनाया 2.15 करोड़

बिज़नेस डेस्क  | विजय केडिया की निवेश इकाई के...

Related Articles

Popular Categories