नीमच कैंट क्षेत्र में महिला के सामने अश्लील हरकत करने वाले आरोपी को 1 वर्ष का सश्रम कारावास

नीमच, 1 जुलाई। नीमच के कैंट थाना क्षेत्र में वर्ष 2017 में एक महिला के साथ अश्लील हरकत करने के मामले में न्यायालय ने करीब नौ वर्ष बाद फैसला सुनाते हुए आरोपी को दोषी ठहराया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) विशाल खाड़े की अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 509 के तहत एक वर्ष के सश्रम कारावास और 2 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। साथ ही न्यायालय ने अर्थदंड की राशि में से 1 हजार रुपये पीड़िता को प्रतिकर के रूप में देने के भी आदेश दिए हैं।

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अभियोजन के अनुसार यह मामला 28 जुलाई 2017 का है। घटना के समय सुबह करीब 10 बजे पीड़िता अपने घर की बालकनी में कपड़े सुखा रही थी। इसी दौरान आरोपी विनय पिता वरदीचंद, निवासी नीमच वहां पहुंचा और महिला के सामने कथित रूप से कपड़े उतारकर अश्लील हरकत करने लगा। घटना से घबराई महिला तुरंत अपने कमरे के अंदर चली गई और फोन पर अपने पति को पूरी घटना की जानकारी दी।

पति के घर पहुंचने के बाद दोनों ने तत्काल थाना नीमच कैंट पहुंचकर आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आवश्यक विवेचना पूरी करने के बाद आरोपी के विरुद्ध न्यायालय में आरोप-पत्र प्रस्तुत किया।

न्यायालय में चली सुनवाई

प्रकरण की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी विशाल खाड़े की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पीड़िता सहित अन्य महत्वपूर्ण गवाहों के बयान न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। साथ ही विवेचना के दौरान एकत्र किए गए साक्ष्यों को भी अदालत के समक्ष रखा गया।

अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयानों तथा अभियोजन पक्ष की दलीलों का परीक्षण करने के बाद आरोपी का अपराध संदेह से परे प्रमाणित माना। इसके आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषसिद्ध करते हुए सजा सुनाई।

धारा 509 के तहत दोषसिद्ध

न्यायालय ने आरोपी विनय को भारतीय दंड संहिता की धारा 509 के तहत दोषी पाया। अदालत ने उसे एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाने के साथ ही 2,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया। इसके अतिरिक्त न्यायालय ने आदेश दिया कि अर्थदंड की राशि में से 1,000 रुपये पीड़िता को प्रतिकर के रूप में दिए जाएं।

अभियोजन पक्ष ने की प्रभावी पैरवी

इस प्रकरण में शासन की ओर से एडीपीओ पारस मित्तल ने प्रभावी पैरवी की। अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के समक्ष उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी के विरुद्ध अपना पक्ष रखा। न्यायालय ने प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।

मामले की प्रमुख बातें

  • घटना 28 जुलाई 2017 की सुबह की बताई गई।
  • पीड़िता घर की बालकनी में कपड़े सुखा रही थी।
  • आरोपी पर महिला के सामने अश्लील हरकत करने का आरोप था।
  • शिकायत के बाद थाना नीमच कैंट में मामला दर्ज किया गया।
  • पुलिस ने जांच पूरी कर न्यायालय में आरोप-पत्र प्रस्तुत किया।
  • न्यायालय ने आरोपी को धारा 509 आईपीसी के तहत दोषी ठहराया।
  • आरोपी को एक वर्ष के सश्रम कारावास और 2 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
  • जुर्माने की राशि में से 1 हजार रुपये पीड़िता को प्रतिकर के रूप में देने के आदेश दिए गए।

न्यायालय का यह फैसला अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर सुनाया गया। मामले में अदालत ने उपलब्ध प्रमाणों का परीक्षण करने के बाद आरोपी को दोषसिद्ध माना और विधि के अनुसार दंड निर्धारित किया।


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