जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के मझौली क्षेत्र में जमीन विवाद के दौरान चार महीने की गर्भवती महिला के साथ मारपीट और उसके पेट पर लात मारने का आरोप सामने आया है। पीड़िता का दावा है कि इस घटना के बाद उसके गर्भ में पल रहे शिशु की मौत हो गई। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद सोमवार को पीड़िता अपने पति के साथ एसपी कार्यालय पहुंची और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
पुलिस के अनुसार, मामले में पहले से एफआईआर दर्ज है और मेडिकल रिपोर्ट सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जमीन विवाद के दौरान हुआ विवाद
जानकारी के मुताबिक, घटना जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर मझौली क्षेत्र की है। पीड़िता ज्योति साहू और उनके पति अतुल साहू का अपने रिश्तेदार विजय साहू के परिवार से लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था।
पति अतुल साहू के अनुसार, बंटवारे के बाद लगभग 30 वर्गफीट जमीन बची थी, जिसे लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद बना हुआ था। उनका कहना है कि उन्होंने परिवार को बताया था कि उनकी पत्नी गर्भवती है और यदि यह जमीन मिल जाए तो घर का दरवाजा उसी दिशा में बनाया जा सकता है, लेकिन इस पर सहमति नहीं बन सकी।
13 जून को बढ़ा विवाद
पीड़िता के पति के अनुसार, 13 जून को दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया। इस दौरान कथित झूमाझटकी में विजय साहू गिर गए और उन्हें नल के पाइप से चोट लगी। अतुल साहू का कहना है कि इसके बाद वह उन्हें इलाज के लिए जबलपुर लेकर गए। इसी दौरान, उनके अनुसार, घर पर मौजूद उनकी पत्नी के साथ कथित मारपीट हुई। आरोप है कि रिश्तेदारों ने गर्भवती महिला के पेट पर लात मारी, जिससे वह जमीन पर गिर गई और गंभीर रूप से घायल हो गई।
अस्पताल में चला इलाज
पति के मुताबिक, सूचना मिलने पर वह वापस घर पहुंचे तो उनकी पत्नी दर्द से कराहती हुई मिली। इसके बाद उन्हें मझौली स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। बताया गया कि महिला 13 जून से 25 जून तक मेडिकल कॉलेज में भर्ती रही। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने परिवार को जानकारी दी कि गर्भ में पल रहे चार महीने के शिशु की मौत हो चुकी है। उपचार के बाद महिला को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
घटना का वीडियो भी सामने आया
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घटना के बाद का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें महिला दर्द से कराहते हुए मदद मांगती दिखाई दे रही है। वीडियो में वह अपने परिजनों को बुलाने की बात कहती हुई सुनाई देती है और अपने गर्भस्थ शिशु को लेकर चिंता व्यक्त करती नजर आती है। हालांकि, वीडियो की परिस्थितियों और उससे जुड़े तथ्यों का स्वतंत्र सत्यापन इस समय नहीं हो सका है। जांच एजेंसियां मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही हैं।
अस्पताल से छुट्टी के बाद पहुंची एसपी कार्यालय
अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद सोमवार को पीड़िता अपने पति के साथ जबलपुर एसपी कार्यालय पहुंची। उन्होंने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजू बेनीवाल को आवेदन सौंपकर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। पीड़िता के पति का आरोप है कि मझौली थाना पुलिस ने मामा, मामी और उनके बेटे के खिलाफ मारपीट सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई।


उनका यह भी कहना है कि उन्होंने पुलिस को घटना से संबंधित वीडियो उपलब्ध कराया है और 25 जून से लगातार थाने के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण उन्हें एसपी कार्यालय में शिकायत करनी पड़ी।
पुलिस ने क्या कहा?
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजू बेनीवाल ने बताया कि मझौली थाने में इस मामले में पहले ही एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और मामले की जांच जारी है। उन्होंने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट तथा जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को पूरे मामले की बारीकी से जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
मामले में जांच जारी
फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। मेडिकल रिपोर्ट, उपलब्ध वीडियो, गवाहों के बयान तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी।
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