नीमच। जिले के सेमली चंदावत गांव निवासी एक वृद्ध ने मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में पहुंचकर अपने ही पुत्र पर प्रताड़ना, गाली-गलौज और मारपीट करने के आरोप लगाए। पीड़ित ने कलेक्टर हिमांशु चंद्रा को आवेदन सौंपते हुए परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की मांग की।
सेमली चंदावत निवासी मानसिंह राजपूत ने आरोप लगाया है कि उनका पुत्र लंबे समय से उनके साथ, उनकी पत्नी और दोनों बेटियों के साथ अभद्र व्यवहार करता है। उनका कहना है कि आए दिन गाली-गलौज और मारपीट की घटनाएं होती हैं, जिससे पूरा परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जीवन जीने को मजबूर है।
जनसुनवाई में कलेक्टर को सौंपा आवेदन
मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान मानसिंह राजपूत ने अपनी समस्या से संबंधित आवेदन कलेक्टर हिमांशु चंद्रा को सौंपा। आवेदन में उन्होंने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराने और परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। पीड़ित का कहना है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में कोई अप्रिय घटना हो सकती है। इसी आशंका के चलते उन्होंने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
कृषि भूमि और फसल पर कब्जे का आरोप
आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि उनके पुत्र ने परिवार की कृषि भूमि और वहां खड़ी फसल पर कब्जा कर रखा है। मानसिंह राजपूत का कहना है कि इस कारण उन्हें अपनी ही कृषि भूमि का उपयोग करने में कठिनाई हो रही है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि भूमि और फसल से जुड़े पूरे मामले की भी निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
पत्नी हृदय रोगी, स्वयं दिव्यांग होने की बात कही
मानसिंह राजपूत ने आवेदन में अपनी पारिवारिक स्थिति का भी उल्लेख किया है। उनके अनुसार उनकी पत्नी हृदय रोग से पीड़ित हैं, जबकि वे स्वयं शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के बावजूद परिवार लगातार मानसिक तनाव और असुरक्षा की स्थिति में रह रहा है। उन्होंने प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की।
झूठे मामले में फंसाने की आशंका भी जताई
पीड़ित ने आवेदन में यह भी आरोप लगाया कि उनका पुत्र उन्हें झूठे प्रकरण में फंसाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो भविष्य में स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्यों के आधार पर निर्णय लिया जाए, ताकि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो।
प्रशासन से कीं ये प्रमुख मांगें
जनसुनवाई में दिए गए आवेदन के माध्यम से मानसिंह राजपूत ने प्रशासन से कई मांगें रखीं। इनमें प्रमुख रूप से—
- परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
- पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- कृषि भूमि और फसल से जुड़े आरोपों की जांच की जाए।
- आवश्यक पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाए।
- भविष्य में किसी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए समय रहते प्रशासनिक हस्तक्षेप किया जाए।
जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे तथ्य
फिलहाल यह मामला जनसुनवाई में दिए गए आवेदन के आधार पर प्रशासन के समक्ष पहुंचा है। । ऐसे मामलों में प्रशासन द्वारा आवेदन की जांच के बाद ही आगे की प्रक्रिया तय की जाती है। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की पुष्टि अथवा खंडन संभव होगा।
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