नीमच | भारत में रोजाना बड़ी संख्या में यात्री ट्रेन से सफर करते हैं। लंबी दूरी की यात्रा के दौरान अगर किसी यात्री की अचानक तबीयत बिगड़ जाए, चक्कर आने लगे या किसी तरह की मेडिकल इमरजेंसी सामने आ जाए, तो कई लोग समझ नहीं पाते कि तुरंत रेलवे से मदद कैसे मांगी जाए। ऐसे समय में रेलवे हेल्पलाइन 139 के जरिए सहायता मांगी जा सकती है।
यात्रियों के लिए यह जानना जरूरी है कि मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में 139 पर कॉल करने के बाद कौन सा विकल्प चुनना है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हेल्पलाइन पर कॉल करने के बाद IVRS यानी इंटरएक्टिव वॉयस रिस्पांस सिस्टम के जरिए यात्री को अपनी जरूरत के अनुसार विकल्प चुनना होता है।
मेडिकल इमरजेंसी में 139 पर करें कॉल
ट्रेन में यात्रा के दौरान किसी यात्री की तबीयत अचानक खराब हो जाती है तो सबसे पहले रेलवे हेल्पलाइन 139 पर कॉल किया जा सकता है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक यह हेल्पलाइन 24 घंटे संचालित होती है। कॉल करने के बाद IVRS में अलग-अलग सेवाओं के लिए विकल्प बताए जाते हैं। अगर समस्या मेडिकल इमरजेंसी से जुड़ी है तो यात्री को नंबर 1 चुनना होगा। इसके बाद दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार आगे की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद रेलवे की ओर से सहायता भेजी जाएगी।
139 पर सिर्फ मेडिकल मदद ही नहीं
रेलवे हेल्पलाइन 139 का इस्तेमाल केवल मेडिकल इमरजेंसी के लिए ही नहीं, बल्कि यात्रा से जुड़ी कई अन्य सेवाओं और शिकायतों के लिए भी किया जा सकता है। रेलवे की हेल्पलाइन पर अलग-अलग जरूरतों के लिए अलग विकल्प दिए गए हैं। यात्रियों को अपनी समस्या के अनुसार सही विकल्प चुनना होता है।
हेल्पलाइन 139 पर कौन सा विकल्प किस काम के लिए?
- बटन 1: ट्रेन में मेडिकल इमरजेंसी और आपातकालीन चिकित्सीय सहायता के लिए।
- बटन 2: रेल जानकारी, PNR स्टेटस, ट्रेन समय-सारणी और व्हीलचेयर बुकिंग जैसी सेवाओं के लिए।
- बटन 3: ट्रेन में भोजन और कैटरिंग सेवा से जुड़ी शिकायतों के लिए।
- बटन 4: यात्रा से संबंधित सामान्य शिकायत दर्ज कराने के लिए।
- बटन 9: पहले से दर्ज शिकायत की स्थिति यानी करंट स्टेटस जांचने के लिए।
ट्रेन में तबीयत बिगड़े तो यह प्रक्रिया याद रखें
अगर सफर के दौरान किसी यात्री को मेडिकल इमरजेंसी होती है, तो मदद लेने के लिए प्रक्रिया को आसान तरीके से समझा जा सकता है। सबसे पहले 139 पर कॉल करना होगा। इसके बाद IVRS में मेडिकल इमरजेंसी से संबंधित विकल्प चुनना होगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इसके लिए बटन नंबर 1 दबाना है। इसके बाद सिस्टम द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा।
इस प्रक्रिया की जानकारी खास तौर पर लंबी दूरी की ट्रेन यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए उपयोगी हो सकती है। अचानक तबीयत खराब होने की स्थिति में सही हेल्पलाइन और सही विकल्प की जानकारी होने से रेलवे से सहायता मांगने की प्रक्रिया आसान हो सकती है।
शिकायत का स्टेटस भी कर सकते हैं चेक
अगर किसी यात्री ने पहले से रेलवे में शिकायत दर्ज कराई है और वह उसकी स्थिति जानना चाहता है, तो बटन नंबर 9 का विकल्प दिया गया है। इसके जरिए दर्ज शिकायत का करंट स्टेटस जांचने की सुविधा बताई गई है।
वहीं, PNR स्टेटस, ट्रेन की समय-सारणी या व्हीलचेयर से संबंधित जानकारी के लिए बटन नंबर 2 का विकल्प दिया गया है। कैटरिंग से जुड़ी समस्या होने पर बटन नंबर 3 और सामान्य यात्रा संबंधी शिकायत के लिए बटन नंबर 4 का विकल्प बताया गया है।
यात्रियों के लिए जरूरी जानकारी
ट्रेन में सफर के दौरान किसी भी तरह की आपातकालीन स्थिति में घबराने के बजाय उपलब्ध रेलवे सहायता व्यवस्था की जानकारी रखना उपयोगी हो सकता है। रेलवे हेल्पलाइन 139 के जरिए मेडिकल इमरजेंसी सहित अलग-अलग यात्रा संबंधी सेवाओं और शिकायतों के लिए सहायता लेने की प्रक्रिया उपलब्ध कराई गई है।
मेडिकल इमरजेंसी के मामले में उपलब्ध जानकारी के अनुसार 139 पर कॉल करके बटन नंबर 1 चुनना है और इसके बाद IVRS के निर्देशों का पालन करना है।
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