मंदसौर। मध्यप्रदेश में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच नाहरगढ़ पुलिस कार्रवाई में बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने ऐप के जरिए किराए पर ली गई टैक्सी से लगभग 1 किलो एमडी ड्रग्स बरामद की है, जिसकी कीमत करीब 1 करोड़ रुपए आंकी गई है। मामले में इंदौर के तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया है। शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी लंबे समय से ड्रग्स तस्करी में सक्रिय थे और यह उनकी नौवीं खेप थी।
मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी
थाना प्रभारी वरुण तिवारी ने बताया कि नाहरगढ़ पुलिस कार्रवाई गुरुवार को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर की गई। सूचना थी कि मंदसौर की ओर से एक कार में मादक पदार्थ लेकर कुछ युवक डिगांव-कचनारा मार्ग से सुवासरा होते हुए इंदौर जाने वाले हैं।
इसके बाद कार्यवाहक एएसआई रशीद पठान और पुलिस टीम ने इलाके में नाकाबंदी शुरू की। कुछ देर बाद पुलिस को संदिग्ध हुंडई कार क्रमांक MP-09-BH-0822 दिखाई दी। पुलिस ने वाहन को रोककर जांच शुरू की।
गियर बॉक्स के पास मिली गुप्त स्कीम
तलाशी के दौरान शुरुआत में कुछ संदिग्ध नहीं मिला, लेकिन गहन जांच में गियर बॉक्स के पास बनाई गई एक गुप्त जगह से एमडी ड्रग्स बरामद हुई। पुलिस ने मौके से इंदौर निवासी शोभित कांटे, विश्वास राठौर और दीपेंद्र चौहान को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार बरामद ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 1 करोड़ रुपए है। इस पूरी नाहरगढ़ पुलिस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि ड्रग्स राजस्थान के प्रतापगढ़ निवासी सोनू पठान ने उन्हें दी थी। यह खेप इंदौर निवासी अनिकेत तक पहुंचाई जानी थी। पुलिस ने मामले में कुल पांच लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें तीन गिरफ्तार हैं जबकि दो आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।
हर ट्रिप में बदलते थे रास्ते
जांच में सामने आया कि आरोपी हर बार तस्करी के लिए अलग-अलग रूट का इस्तेमाल करते थे ताकि पुलिस की नजर से बच सकें। कई बार वे हाईवे छोड़कर ग्रामीण मार्गों का इस्तेमाल करते थे। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय है और कई जिलों तक इसका नेटवर्क फैला हो सकता है।
ऐप टैक्सी और GPS सिस्टम भी जांच के दायरे में
इस मामले में इस्तेमाल की गई कार ऐप के जरिए किराए पर ली गई थी। पुलिस अब ट्रेवल्स संचालक की भूमिका की भी जांच कर रही है। वाहन की GPS मॉनिटरिंग लगातार की जा रही थी, जिससे पुलिस को संदेह है कि तकनीक का इस्तेमाल कर रूट और मूवमेंट पर नजर रखी जा रही थी।
ड्रग्स नेटवर्क की जांच तेज
नाहरगढ़ पुलिस कार्रवाई के बाद अब पुलिस पूरे सप्लाई नेटवर्क की जांच में जुट गई है। अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर अन्य राज्यों तक फैले नेटवर्क का भी खुलासा हो सकता है।
पुलिस ने युवाओं से नशे से दूर रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।
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