नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET Exam 2026 को लेकर आखिरकार केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने बड़ा फैसला ले लिया है। लंबे विवाद, छात्रों के प्रदर्शन और पेपर लीक के आरोपों के बीच अब NEET Exam 2026 दोबारा 21 जून 2026 को आयोजित किया जाएगा। NTA ने शुक्रवार को इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी।
इससे पहले 12 मई को आयोजित हुई परीक्षा को पेपर लीक विवाद के बाद रद्द कर दिया गया था। परीक्षा रद्द होने के बाद देशभर के लाखों छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी देखने को मिली थी। सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक छात्रों ने निष्पक्ष परीक्षा कराने की मांग उठाई थी। अब नई तारीख घोषित होने के बाद छात्रों को कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन पूरे मामले ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हाईलेवल बैठक में लिया गया बड़ा फैसला
NEET Exam 2026 को लेकर गुरुवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के नेतृत्व में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में दोबारा परीक्षा कराने, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी, स्कूली शिक्षा सचिव संजय कुमार, NTA के डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह, CBSE चेयरपर्सन राहुल सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सूत्रों के अनुसार इस बार NEET Exam 2026 के लिए परीक्षा केंद्रों की निगरानी पहले से अधिक सख्त रखने का फैसला लिया गया है।
सरकार की ओर से संकेत दिए गए हैं कि परीक्षा केंद्रों पर डिजिटल सर्विलांस, लाइव मॉनिटरिंग और अतिरिक्त सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती की जा सकती है ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकी जा सके।
देशभर में बढ़ा विरोध, छात्रों में नाराजगी
NEET Exam 2026 पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। कई राज्यों में छात्र संगठनों ने प्रदर्शन किए और परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए।
गुजरात के अहमदाबाद में NSUI कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्रालय के खिलाफ नारेबाजी करते हुए परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग की। पुलिस ने स्थिति बिगड़ने से पहले कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
इसके अलावा दिल्ली, पटना, जयपुर, भोपाल और लखनऊ सहित कई शहरों में भी छात्रों ने निष्पक्ष जांच और सुरक्षित परीक्षा कराने की मांग उठाई। छात्रों का कहना है कि NEET Exam 2026 जैसी राष्ट्रीय परीक्षा में हुई गड़बड़ी ने मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों का भरोसा तोड़ा है।
CBI जांच में तेजी, 7 आरोपी गिरफ्तार

पेपर लीक मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के हाथों में है। एजेंसी ने अब तक इस मामले में 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार यह नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ था और परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र पहुंचाने का काम किया जा रहा था।
CBI ने राजस्थान के सीकर से मांगी लाल बिंवाल, जमवारामगढ़ से दिनेश बिंवाल और विकास बिंवाल, हरियाणा के गुरुग्राम निवासी यश यादव और महाराष्ट्र के नासिक से शुभम खैरनार को गिरफ्तार किया है।
इन पांचों आरोपियों को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 7 दिन की CBI कस्टडी में भेज दिया। जांच एजेंसी का दावा है कि शुभम खैरनार ने ही यश यादव तक प्रश्नपत्र पहुंचाया था।
इसके अलावा पुणे से मनीषा वाघमारे और नासिक से धनंजय लोखंडे को भी गिरफ्तार किया गया है। CBI अब पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड और आर्थिक लेनदेन की जांच कर रही है।
छात्रों के लिए नई एडवाइजरी जल्द जारी होगी
NTA जल्द ही NEET Exam 2026 को लेकर नई गाइडलाइन और एडमिट कार्ड संबंधी जानकारी जारी कर सकता है। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी पर भरोसा करें और किसी भी अफवाह से बचें।
इस पूरे विवाद के बाद सरकार पर परीक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी तथा सुरक्षित बनाने का दबाव बढ़ गया है। आने वाले समय में राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के संचालन में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
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