हर्कियाखाल डैम की शासकीय भूमि पर कथित अतिक्रमण का मामला जनसुनवाई पहुंचा, कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग

नीमच, मंगलवार। जिले के हर्कियाखाल डैम (सीताराम जाजू सागर बांध) से जुड़ी शासकीय भूमि पर कथित अतिक्रमण और अवैध खेती का मामला मंगलवार को आयोजित कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचा। शिकायतकर्ता ने कलेक्टर हिमांशु चंद्रा को आवेदन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में दावा किया गया है कि सीमांकन होने के बावजूद कई स्थानों पर कथित अतिक्रमण अब भी बना हुआ है।

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शिकायतकर्ता राजेंद्र सिंह सिसोदिया ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि हर्कियाखाल डैम से लगी शासकीय भूमि पर लंबे समय से कथित रूप से अवैध कब्जा कर खेती की जा रही है। उन्होंने प्रशासन से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर सरकारी भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

कई गांवों की शासकीय भूमि का किया गया उल्लेख

आवेदन के अनुसार बरखेड़ा गुर्जर, जीरन, पावटी, पिपलिया गुर्जर और कालियाखेड़ी क्षेत्र में हर्कियाखाल डैम से लगी शासकीय भूमि पर कथित अतिक्रमण किया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि इन स्थानों पर लंबे समय से सरकारी भूमि पर खेती और कब्जे की स्थिति बनी हुई है।

उन्होंने मांग की है कि संबंधित विभाग राजस्व अभिलेखों के आधार पर पूरे क्षेत्र की दोबारा जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करे।

सीमांकन के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप

शिकायत में कहा गया है कि हाल ही में नगर पालिका द्वारा संबंधित भूमि का सीमांकन कराया गया था। इसके बावजूद बरखेड़ा गुर्जर क्षेत्र में न तो सीमांकन के बाद खाई खुदवाई गई और न ही सीमांकन के स्थायी खंभे लगाए गए।

शिकायतकर्ता का दावा है कि सबसे अधिक कथित अतिक्रमण इसी क्षेत्र में है, लेकिन सीमांकन के बाद भी प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इसी कारण शासकीय भूमि पर कब्जे की स्थिति जस की तस बनी हुई है।

डैम प्रभारी पर भी लगाए गए आरोप

आवेदन में हर्कियाखाल डैम के प्रभारी शेरू चौहान पर भी कथित मिलीभगत के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि सीमांकन के दौरान जिन स्थानों पर कथित अवैध निर्माण और कब्जे चिन्हित किए गए थे, वहां अब तक कोई ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं दी।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित अधिकारी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

शिकायत में उठाए गए महत्वपूर्ण सवाल

शिकायतकर्ता ने प्रशासन से कई सवालों के जवाब भी मांगे हैं। आवेदन में पूछा गया है कि—

  • क्या कथित अतिक्रमण करने वालों को नोटिस जारी किए गए?
  • सीमांकन के बाद अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया क्यों शुरू नहीं हुई?
  • जिन स्थानों पर कथित अवैध निर्माण चिन्हित हुए, वहां क्या कार्रवाई की गई?
  • शासकीय भूमि की सुरक्षा के लिए भविष्य में क्या कदम उठाए जाएंगे?

कलेक्टर से की गई प्रमुख मांगें

आवेदन में शिकायतकर्ता ने कलेक्टर से मांग की है कि—

  • हर्कियाखाल डैम की शासकीय भूमि पर कथित अवैध खेती और कब्जों पर तत्काल रोक लगाई जाए।
  • पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराई जाए।
  • यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
  • सीमांकन के बाद सरकारी भूमि की सुरक्षा के लिए स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

जांच के बाद ही होगी स्थिति स्पष्ट

फिलहाल यह मामला कलेक्टर जनसुनवाई में प्राप्त शिकायत के रूप में सामने आया है। आवेदन में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। प्रशासनिक जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोप कितने सही पाए जाते हैं और आगे क्या कार्रवाई की जाती है।


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