चित्तौड़गढ़। भादसोड़ा कस्बे में हाईवे किनारे कथित रूप से चोरी के पेट्रोल-डीजल के अवैध कारोबार का पुलिस ने खुलासा किया है। जिला विशेष टीम (डीएसटी) और भादसोड़ा थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक मकान से 830 लीटर पेट्रोल-डीजल बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी हाईवे से गुजरने वाले टैंकरों और ट्रकों से कम कीमत पर चोरी का ईंधन खरीदकर उसे अपने घर में जमा करता था और बाद में आसपास के लोगों को अधिक कीमत पर बेचता था। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है तथा पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में पेट्रोल और डीजल का बिना लाइसेंस खुले में भंडारण केवल अवैध ही नहीं, बल्कि आसपास रहने वाले लोगों के लिए भी बड़ा सुरक्षा खतरा था। यदि किसी कारण आग लग जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
मुखबिर की सूचना बनी कार्रवाई की वजह
पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के अनुसार, जिला विशेष टीम के प्रभारी एएसआई सूरज कुमार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि भादसोड़ा मेन चौराहे पर रहने वाला प्रेम शंकर माली चोरी का पेट्रोल और डीजल खरीदकर बेच रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने पहले इसकी पुष्टि करने की योजना बनाई। एक व्यक्ति को ग्राहक बनाकर आरोपी के पास भेजा गया। पुलिस के अनुसार आरोपी कथित रूप से उसे पेट्रोल बेचने के लिए तैयार हो गया। सूचना सही मिलने के बाद डीएसटी और भादसोड़ा थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से उसके घर पर दबिश दी।
घर के बाड़े में ड्रम और केनों में रखा था ईंधन

तलाशी के दौरान पुलिस को आरोपी के घर के बाड़े में बड़े-बड़े ड्रम और प्लास्टिक के केन मिले। जांच में चार ड्रमों में लगभग 730 लीटर पेट्रोल और पांच केनों में 100 लीटर डीजल रखा मिला। इस तरह कुल 830 लीटर पेट्रोल-डीजल जब्त किया गया। मौके से ईंधन निकालने और भरने में उपयोग होने वाले उपकरण भी बरामद हुए। पुलिस के अनुसार आरोपी के पास पेट्रोल-डीजल के भंडारण या बिक्री से जुड़ा कोई वैध लाइसेंस नहीं था।
हाईवे किनारे का स्थान बना कथित कारोबार का केंद्र
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी का मकान सांवलियाजी प्राकट्य स्थल के पास हाईवे किनारे स्थित है। यहां से रोजाना बड़ी संख्या में पेट्रोल और डीजल से भरे टैंकर तथा ट्रक गुजरते हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी इसी का फायदा उठाता था। जांच में सामने आया है कि वह कथित रूप से ट्रकों और टैंकरों से चोरी किया गया ईंधन कम कीमत पर खरीदता था। बाद में वही ईंधन घर में जमा कर स्थानीय लोगों को अधिक कीमत पर बेच देता था।
हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पूरे नेटवर्क की जांच अभी जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि चोरी का ईंधन किन-किन स्रोतों से आता था तथा इस धंधे में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
पुलिस ने ऐसे किया पूरा खुलासा
पुलिस की कार्रवाई पूरी तरह योजनाबद्ध तरीके से की गई। पहले सूचना की पुष्टि की गई, फिर ग्राहक बनाकर सौदे की जांच की गई और उसके बाद संयुक्त टीम ने मौके पर दबिश दी।पुलिस का मानना है कि यदि बिना पुष्टि सीधे कार्रवाई की जाती तो आरोपी सबूत मिटा सकता था। इस रणनीति के कारण पुलिस को बड़ी मात्रा में ईंधन बरामद करने में सफलता मिली।
बड़ा हादसा हो सकता था
पेट्रोल और डीजल अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यदि इतनी बड़ी मात्रा में खुले में रखा ईंधन किसी कारण आग की चपेट में आ जाता तो आसपास के मकानों तक आग फैल सकती थी। इसी वजह से पुलिस ने इसे केवल अवैध कारोबार का मामला नहीं माना, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय भी बताया है।
आरोपी गिरफ्तार, अब पूरे नेटवर्क पर फोकस
भादसोड़ा चौराहा निवासी 30 वर्षीय प्रेम शंकर माली को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
जांच का मुख्य उद्देश्य अब यह पता लगाना है कि—
- चोरी का पेट्रोल-डीजल कहां से लाया जाता था।
- किन टैंकरों और ट्रकों से ईंधन खरीदा जाता था।
- इस कथित अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
- चोरी के ईंधन की सप्लाई कितने समय से चल रही थी।
- किन क्षेत्रों में यह ईंधन बेचा जाता था।
कार्रवाई में शामिल रही संयुक्त टीम
इस कार्रवाई में भादसोड़ा थाना और जिला विशेष टीम के पुलिसकर्मियों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया। कार्रवाई में एएसआई सुरेश कुमार, कांस्टेबल रतनलाल, वीरेंद्र सिंह तथा डीएसटी के कांस्टेबल देवेंद्र, अरविंद, अशोक, कृष्णकांत और जगदीश शामिल रहे।
पुलिस ने लोगों से की अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी पेट्रोल, डीजल या अन्य ज्वलनशील पदार्थों का अवैध भंडारण या बिक्री होती दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। ऐसे मामलों की जानकारी देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
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