Trump Next Targets: वेनेजुएला के बाद अब इन 5 देशों की बारी! America का ‘डोनरो डॉक्ट्रिन’ प्लान
Reported by: News Desk | Edited by: आकाश शर्मा
07 जनवरी 2026, (अपडेटेड 21 मार्च 2026, 10:41 अपराह्न IST)

वाशिंगटन: Trump Next Targets अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दूसरा कार्यकाल न केवल अमेरिका के लिए बल्कि पूरी दुनिया की भू-राजनीति (Geopolitics) के लिए भूचाल लेकर आया है। वेनेजुएला में एक बेहद नाटकीय और सैन्य कार्रवाई के जरिए वहां के राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को राजधानी काराकास से गिरफ्तार करने के बाद, अब सवाल यह उठ रहा है कि Trump Next Targets की लिस्ट में कौन से देश शामिल हैं?

ट्रंप ने 1823 के ‘मुनरो डॉक्ट्रिन’ (Monroe Doctrine) को एक नया और आक्रामक रूप देते हुए इसे ‘डोनरो डॉक्ट्रिन’ (Donroe Doctrine) का नाम दिया है। इसके तहत अब उनकी नजर ग्रीनलैंड की बर्फ से लेकर ईरान के रेगिस्तान और लैटिन अमेरिका के खजाने तक टिकी है। वेनेजुएला के बाद Trump Next Targets में अमेरिका की बंदूक की नली अब किन 5 देशों की ओर घूम चुकी है।

1. ग्रीनलैंड: बर्फ के नीचे छिपे खजाने की जंग

अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति में ग्रीनलैंड अचानक से केंद्र बिंदु बन गया है। हालांकि, अमेरिका के पास वहां पहले से ही ‘पिटुफिक स्पेस बेस’ मौजूद है, लेकिन ट्रंप की महत्वाकांक्षा पूरे द्वीप पर नियंत्रण करने की है।

ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि Trump Next Targets में ग्रीनलैंड इसलिए अहम है क्योंकि यह क्षेत्र रूसी और चीनी जहाजों की गतिविधियों का केंद्र बनता जा रहा है। डेनमार्क के अधीन आने वाला यह विशाल आर्कटिक द्वीप केवल बर्फ का टुकड़ा नहीं है, बल्कि यह रेयर अर्थ मिनरल्स (Rare Earth Minerals) का खजाना है। ये वही मिनरल्स हैं जो आज के दौर में स्मार्टफोन, फाइटर जेट्स और इलेक्ट्रिक वाहनों की जान हैं।

वर्तमान में चीन इन खनिजों के उत्पादन में अमेरिका से मीलों आगे है। ट्रंप चाहते हैं कि ग्रीनलैंड पर नियंत्रण करके चीन के इस एकाधिकार को तोड़ा जाए। हालांकि, ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स-फ़्रेडरिक नीलसन ने इसे “काल्पनिक” बताते हुए खारिज कर दिया है, लेकिन ट्रंप की जिद नाटो गठबंधन (NATO) में दरार डाल सकती है।

2. कोलंबिया: ‘ड्रग्स वॉर’ के नाम पर सीधा निशाना

वेनेजुएला ऑपरेशन के फौरन बाद Trump Next Targets में अपने पड़ोसी कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेत्रो को सीधी चेतावनी दी है। ट्रंप ने एयर फोर्स वन से बयान देते हुए कहा कि कोलंबिया को “एक बीमार व्यक्ति चला रहा है।”

अमेरिका का आरोप है कि कोलंबियाई राष्ट्रपति ड्रग कार्टेल को फलने-फूलने दे रहे हैं। Trump Next Targets में कोलंबिया के शामिल होने की सबसे बड़ी वजह वहां के विशाल तेल भंडार, सोना, पन्ना और प्लेटिनम के संसाधन हैं। इसके अलावा, अमेरिका ने बिना किसी ठोस सबूत के प्रशांत महासागर में कोलंबियाई नावों पर हमले शुरू कर दिए हैं, जिसे वह ड्रग्स के खिलाफ युद्ध बता रहा है।

जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या वे कोलंबिया में भी वेनेजुएला जैसा ऑपरेशन करेंगे, तो उनका जवाब था- “ऐसा सुनना मुझे अच्छा लगता है।” यह बयान कोलंबिया की वामपंथी सरकार के लिए खतरे की घंटी है।

3. ईरान: परमाणु कार्यक्रम और सत्ता परिवर्तन का डर

मध्य पूर्व (Middle East) में अमेरिका का सबसे पुराना दुश्मन ईरान एक बार फिर रडार पर है। ईरान में चल रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच ट्रंप ने ईरानी प्रशासन को “कड़ी सजा” की चेतावनी दी है।

सैद्धांतिक रूप से ईरान ‘डोनरो डॉक्ट्रिन’ के पश्चिमी गोलार्ध वाले नियम में फिट नहीं बैठता, लेकिन इजरायल के साथ मिलकर अमेरिका वहां बड़ी कार्रवाई की फिराक में है। रिपोर्टों के मुताबिक, इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू और ट्रंप के बीच हुई हालिया बैठक में 2026 में ईरान पर नए और घातक हमलों की योजना पर चर्चा हुई है।

अगर ईरान में प्रदर्शनकारियों पर सख्ती बढ़ती है, तो यह अमेरिका के लिए हस्तक्षेप का एक बड़ा बहाना बन सकता है। Trump Next Targets की सूची में ईरान का होना मध्य पूर्व में एक बड़े युद्ध की आहट दे रहा है।

4. मेक्सिको: दीवार से आगे बढ़कर सैन्य कार्रवाई तक

अपने पहले कार्यकाल में ‘दीवार‘ (The Wall) बनाने की बात करने वाले ट्रंप ने 2025 में सत्ता संभालते ही ‘गल्फ ऑफ मेक्सिको‘ का नाम बदलकर ‘गल्फ ऑफ अमेरिका‘ करने का आदेश देकर अपने इरादे जाहिर कर दिए थे।

ट्रंप का मानना है कि मेक्सिको के ड्रग कार्टेल अब वहां की सरकार से ज्यादा ताकतवर हो चुके हैं और वे अमेरिका में भारी मात्रा में नशीले पदार्थों की तस्करी कर रहे हैं। ट्रंप ने मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबॉम को अमेरिकी सैनिक भेजने की पेशकश की थी, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया। अब डर यह है कि Trump Next Targets रणनीति के तहत अमेरिका, मेक्सिको की संप्रभुता को दरकिनार कर वहां एकतरफा सैन्य कार्रवाई (Unilateral Military Action) कर सकता है।

5. क्यूबा: आर्थिक घेराबंदी का अंतिम वार

Trump Next Targets में फ्लोरिडा से महज 90 मील दूर स्थित क्यूबा पहले से ही दशकों से अमेरिकी प्रतिबंध झेल रहा है। वेनेजुएला में निकोलस मादुरो की सरकार गिरने के बाद क्यूबा की स्थिति ‘वेंटीलेटर’ जैसी हो गई है, क्योंकि उसे अपनी जरूरत का 30% तेल और भारी आर्थिक मदद वेनेजुएला से मिलती थी।

ट्रंप का मानना है कि क्यूबा अब पूरी तरह से टूट चुका है और वहां सैन्य कार्रवाई की जरूरत नहीं है क्योंकि वह खुद-ब-खुद “झुकने के लिए तैयार” है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो, जो खुद क्यूबा मूल के हैं, लंबे समय से हवाना में सत्ता परिवर्तन चाहते हैं। ट्रंप की रणनीति अब क्यूबा को आर्थिक रूप से इतना निचोड़ देने की है कि वहां की कम्युनिस्ट सरकार घुटने टेक दे।


यह भी पढ़ें:- Ind vs Ban T20: ICC ने बांग्लादेश की मांग ठुकराई, भारत में ही खेलने होंगे सभी मैच

ताज़ा ख़बरों का अपडेट सीधा अपने फोन पर पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें

Aakash Sharma
Aakash Sharmahttps://thetimesofmp.com
आकाश शर्मा मध्यप्रदेश के नीमच क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार और द टाइम्स ऑफ MP के संपादक हैं। उन्हें प्रिंट मीडिया में 12 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव है। लंबे समय से स्थानीय एवं जनसरोकार से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग, समाचार संपादन और समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उन्होंने स्थानीय पत्रकारिता में व्यापक अनुभव हासिल किया है।द टाइम्स ऑफ MP के माध्यम से आकाश शर्मा नीमच, मंदसौर और आसपास के क्षेत्रों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। उनकी कवरेज में स्थानीय प्रशासन, पुलिस एवं कानून-व्यवस्था, जनसमस्याएं, नागरिक सुविधाएं, राजनीति, सामाजिक गतिविधियां, शिक्षा, कृषि, व्यापार और अन्य जनहित से जुड़े विषय शामिल हैं।उनकी संपादकीय कार्यशैली में तथ्यपरक रिपोर्टिंग, स्रोत-आधारित जानकारी, निष्पक्ष प्रस्तुति और जिम्मेदार पत्रकारिता को प्राथमिकता दी जाती है। संवेदनशील और अपराध से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग में आरोप और प्रमाणित तथ्य के बीच अंतर बनाए रखने तथा उपलब्ध आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर खबर प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।पत्रकारिता के साथ आकाश शर्मा पिछले 4 वर्षों से पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में भी कार्य कर रहे हैं। इस भूमिका में वे कानूनी जागरूकता और जनहित से जुड़े कार्यों से जुड़े रहे हैं। इसके साथ ही वे इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशन में जिला उपाध्यक्ष (District Vice President) के दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं।अनुभव 12 वर्ष — प्रिंट मीडिया एवं पत्रकारिता का अनुभव 4 वर्ष — पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में अनुभव संपादक — द टाइम्स ऑफ MP जिला उपाध्यक्ष — इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशनआकाश शर्मा का उद्देश्य स्थानीय स्तर की महत्वपूर्ण सूचनाओं को विश्वसनीय, स्पष्ट, तथ्यपरक और जिम्मेदार पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाना तथा आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी मंच प्रदान करना है।विशेषज्ञता: स्थानीय पत्रकारिता | प्रिंट मीडिया | समाचार संपादन | डिजिटल पत्रकारिता | स्थानीय समाचार रिपोर्टिंग | जनहित के मुद्दे | कानूनी जागरूकता |

Hot this week

पालसोड़ा एक्सीडेंट में 1 युवक की मौत, 2 की हालत गंभीर

पालसोड़ा एक्सीडेंट: नीमच जिले के जीरन थाना क्षेत्र में...

उज्जैन शूटिंग रेंज मारपीट: VIDEO में कैद कोच पर हमला, सिस्टम पर उठे सवाल

उज्जैन (Ujjain Crime News)। उज्जैन शूटिंग रेंज मारपीट का...

CBN इंस्पेक्टर सिद्धार्थ श्रीवास्तव निलंबित, 10 सितंबर की CBI कार्रवाई के बाद विभागीय आदेश

नीमच/ग्वालियर। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) के इंस्पेक्टर सिद्धार्थ श्रीवास्तव...

ताइक्वांडो में नीमच का दमदार प्रदर्शन, छह स्वर्ण पदक जीते

नीमच। 70वीं शालेय खेलकूद प्रतियोगिता के तहत आयोजित उज्जैन...

विजय केडिया के दांव वाले इस शेयर ने 1 लाख को बनाया 2.15 करोड़

बिज़नेस डेस्क  | विजय केडिया की निवेश इकाई के...

Related Articles

Popular Categories