मोहन यादव पर कांग्रेस के भूमि संबंधी आरोपों को भाजपा ने बताया निराधार

उज्जैन। मुख्यमंत्री मोहन यादव पर कांग्रेस द्वारा लगाए गए भूमि संबंधी अवैध सौदों के आरोपों को भारतीय जनता पार्टी ने सिरे से खारिज कर दिया है। भाजपा नेता मंगेश श्रीवास्तव ने शनिवार को जारी बयान में इन आरोपों को पूरी तरह तथ्यहीन और राजनीतिक षड्यंत्र बताया। उन्होंने कहा कि विकास की राजनीति करने वाले नेताओं पर इस तरह के आरोप लगते रहते हैं, लेकिन जनता विकास कार्यों के आधार पर निर्णय लेती है।

The Times of MP Advisement

उन्होंने कहा कि जो नेतृत्व परिणाम देता है, वही इतिहास रचता है। आलोचनाएं कुछ समय तक चर्चा में रहती हैं, लेकिन विकास कार्य वर्षों तक जनता के जीवन को बेहतर बनाते हैं। उनके अनुसार मध्य प्रदेश आज उद्योग, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है और यही विपक्ष की बेचैनी का कारण है।

सिंहस्थ 2028 और उज्जैन के विकास का किया उल्लेख

मंगेश श्रीवास्तव ने कहा कि उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। शहर में चौड़ी सड़कों, आधुनिक अधोसंरचना और अन्य विकास परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। उनका कहना है कि सरकार का उद्देश्य उज्जैन को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक शहर के रूप में विकसित करना है।

उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में हो रहे विकास कार्यों से विपक्ष घबराया हुआ है और इसी कारण जनता का ध्यान भटकाने के लिए इस प्रकार के आरोप लगाए जा रहे हैं।

भाजपा ने भूमि संबंधी आरोपों पर दिया विस्तृत जवाब

भाजपा नेता ने कांग्रेस द्वारा लगाए गए भूमि संबंधी आरोपों का बिंदुवार खंडन करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के पास वर्ष 2023 में जितनी 17 एकड़ भूमि थी, उसमें आज तक कोई वृद्धि नहीं हुई है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की पत्नी सीमा यादव के नाम दर्ज 12.29 एकड़ भूमि भी पहले की तरह यथावत है और इसमें किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं हुआ है।

मंगेश श्रीवास्तव के अनुसार मुख्यमंत्री के पुत्र वैभव ने 16 एकड़ भूमि मुख्यमंत्री बनने से काफी पहले खरीदी थी। उन्होंने यह भी कहा कि यह खरीद उस समय हुई थी जब संबंधित क्षेत्र में मास्टर प्लान लागू नहीं हुआ था।

इसी प्रकार उन्होंने बताया कि पुत्रवधू शालिनी यादव द्वारा खरीदी गई 10 एकड़ कृषि भूमि मास्टर प्लान क्षेत्र से बाहर स्थित है। इसलिए इन जमीनों को लेकर लगाए जा रहे आरोप तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं।

सिद्धि विनायक कंपनी को लेकर भी दिया स्पष्टीकरण

भाजपा नेता ने कहा कि जिस सिद्धि विनायक कंपनी का उल्लेख कांग्रेस की ओर से किया जा रहा है, उससे मुख्यमंत्री मोहन यादव का वर्तमान में कोई संबंध नहीं है।

उन्होंने कहा कि डॉ. मोहन यादव वर्ष 2017 में ही कंपनी के डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे चुके थे। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के रिश्तेदार अपने-अपने स्वतंत्र व्यवसाय संचालित करते हैं और उनके व्यावसायिक कार्यों से मुख्यमंत्री का कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है।

कांग्रेस पर लगाया राजनीतिक आरोप

मंगेश श्रीवास्तव ने कहा कि कांग्रेस प्रदेश में पिछड़े वर्ग के नेतृत्व को स्वीकार नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि पहले उमा भारती और शिवराज सिंह चौहान को भी इसी तरह के राजनीतिक आरोपों का सामना करना पड़ा था और अब मुख्यमंत्री मोहन यादव को निशाना बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में मुकाबला नहीं कर पाने के कारण कांग्रेस इस प्रकार की राजनीति कर रही है। साथ ही उनका आरोप है कि सिंहस्थ 2028 से जुड़े विकास कार्यों में भी विपक्ष लगातार बाधाएं उत्पन्न करने का प्रयास कर रहा है।

जनता विकास के आधार पर करेगी फैसला

मंगेश श्रीवास्तव ने अपने बयान में कहा कि प्रदेश की जनता विकास कार्यों को देख रही है और आने वाले समय में उसी आधार पर अपना निर्णय करेगी। उन्होंने दावा किया कि उज्जैन की जनता सिंहस्थ 2028 सहित चल रहे विकास कार्यों से परिचित है और विपक्ष के आरोपों से भ्रमित नहीं होगी।


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