चित्तौड़गढ़। जिला विशेष टीम (डीएसटी) ने वर्ष 2010 में जिला जेल कनावटी, नीमच से फरार हुए आरोपी सोहन जाट को करीब 16 साल बाद गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार सोहन जाट थाना जीरन, जिला नीमच, मध्यप्रदेश के एनडीपीएस एक्ट के मामले में जेल में बंद था और जेल के लोहे के सरिये तोड़कर फरार हो गया था। फरारी के बाद वह महाराष्ट्र के वापी में परिवार के साथ रह रहा था।
पुलिस के अनुसार सोहन जाट लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से दूर था। इस दौरान वह वापी में ट्रैक्टर चलाता था और वहीं उसने मकान भी बना लिया था। बताया गया कि वह कभी-कभार अपने गांव आता था।
मुखबिर की सूचना ने खोला राज
जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के अनुसार ईनामी और वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए डीएसटी प्रभारी एएसआई सूरज कुमार के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। टीम में एएसआई राज कुमार, साइबर सेल के कांस्टेबल जगदीश, देवेंद्र, सुरेश सुंडा, अरविंद, अशोक, कृष्णकांत, वीरेंद्र और रामकेश शामिल थे। पुलिस के मुताबिक एएसआई सूरज कुमार को मुखबिर से सूचना मिली कि 1 जनवरी 2010 को जिला जेल कनावटी, नीमच से फरार हुए पांच अभियुक्तों में शामिल सोहन जाट, निवासी हथियाना, थाना कपासन क्षेत्र, भादसोड़ा आने वाला है।
सूचना मिलने के बाद डीएसटी टीम ने उसके आने का इंतजार शुरू किया। पुलिस के अनुसार टीम सुबह से शाम तक मौके पर मौजूद रही।
गांव में घुसते ही भागने लगा आरोपी
पुलिस के अनुसार शाम को अंधेरा होने के बाद सोहन जाट हथियाना पहुंचा। जैसे ही वह गांव में दाखिल हुआ, मुखबिर ने पुलिस टीम को इशारा कर उसकी पहचान कराई। पुलिस के मुताबिक टीम को देखते ही आरोपी ने भागने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस टीम ने उसे घेरकर पकड़ लिया और डिटेन कर लिया।
पुलिस के अनुसार सोहन जाट थाना जीरन, जिला नीमच के एनडीपीएस एक्ट के मामले में वांछित था। डिटेन किए जाने के बाद उसे नियमानुसार अग्रिम अनुसंधान के लिए पुलिस थाना जीरन, जिला नीमच को सौंप दिया गया।
2010 में जेल से हुआ था फरार
पुलिस के अनुसार सोहन जाट 1 जनवरी 2010 को जिला जेल कनावटी, नीमच से फरार हुए पांच अभियुक्तों में शामिल था। आरोपियों ने जेल से भागने के लिए लोहे के सरिये तोड़े थे।फरारी के बाद सोहन जाट महाराष्ट्र के वापी चला गया और वहीं परिवार के साथ रहने लगा। पुलिस के अनुसार उसने वापी में मकान बनाया और ट्रैक्टर चलाकर जीवन यापन करता रहा।
इस कार्रवाई में थाना भदेसर के कांस्टेबल सुरेंद्र पाल का भी योगदान रहा। पुलिस के अनुसार अब आरोपी को जीरन पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है और संबंधित मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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