गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने परिवार, पुलिस और स्थानीय लोगों को हैरानी में डाल दिया है। जिस युवक को मृत मानकर परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया और तेरहवीं तक का कार्यक्रम संपन्न कर लिया, वही युवक गुरुवार सुबह अचानक अपने घर लौट आया। इस घटना के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि आखिर जिस शव का अंतिम संस्कार किया गया था, वह किसका था।
मामला कौशांबी थाना क्षेत्र के वैशाली स्थित कल्पना अपार्टमेंट का है। यहां रहने वाले 42 वर्षीय गिरधर सिंह बिष्ट गुरुवार सुबह करीब 5 बजे अपने घर पहुंचे। बेटे को सामने देखकर उनकी मां भावुक हो गईं और उसे गले लगाकर रोने लगीं। परिवार के अनुसार, एक दिन पहले ही गिरधर की तेरहवीं आयोजित की गई थी।
तेरहवीं के बाद जिंदा लौटा युवक बना चर्चा का विषय
परिजनों के मुताबिक, गिरधर सिंह बिष्ट पिछले कई सप्ताह से लापता थे। उनकी तलाश के दौरान पुलिस और परिवार को गंग नहर में मिला एक अज्ञात शव दिखाया गया था। परिवार ने उस शव की पहचान गिरधर के रूप में की थी।

शव की पहचान होने के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताई थी और संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की थी। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया और अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। इसके बाद 24 जून को तेरहवीं का कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों ने भाग लिया।
लेकिन तेरहवीं के अगले ही दिन गिरधर का घर लौट आना पूरे मामले को रहस्यमय बना गया।
कैसे शुरू हुई पूरी कहानी?
परिजनों और पुलिस के अनुसार, 16 मई को गिरधर सिंह बिष्ट का स्थानीय दुकानदारों से विवाद हो गया था। विवाद के बाद पुलिस ने उन्हें शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
21 मई को अदालत से जमानत मिलने के बाद उन्हें डासना जेल से रिहा कर दिया गया। हालांकि, रिहाई के बाद वह घर नहीं पहुंचे। परिवार ने काफी तलाश की लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई।
गंग नहर में मिला था अज्ञात शव
13 जून को मसूरी थाना क्षेत्र में गंग नहर से एक अज्ञात शव बरामद हुआ। पहचान के लिए परिजनों को बुलाया गया। परिवार ने उस शव को गिरधर सिंह बिष्ट का बताते हुए पहचान की पुष्टि की।
इसके बाद परिवार और स्थानीय लोगों ने पुलिस तथा जेल प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए थे। मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन भी हुआ था। अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया था।
अंतिम संस्कार के बाद अचानक लौटा युवक
पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिवार ने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार किया। इसके बाद 24 जून को तेरहवीं का कार्यक्रम आयोजित किया गया।

गुरुवार सुबह जब गिरधर अचानक घर पहुंचे तो परिवार स्तब्ध रह गया। जिन्हें मृत मानकर परिवार शोक मना चुका था, उनके जीवित लौट आने से इलाके में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।
परिवार के लोगों ने गिरधर से यह जानने की कोशिश की कि वह इतने दिनों तक कहां रहे, लेकिन वह कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे सके।
मां ने उठाया बड़ा सवाल
गिरधर की मां ने बताया कि उनके पति का पहले ही निधन हो चुका है और वह स्वयं गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं। उन्होंने कहा कि बेटे के वापस लौटने की खुशी तो है, लेकिन अब यह सवाल परेशान कर रहा है कि जिस व्यक्ति का अंतिम संस्कार किया गया, वह आखिर कौन था।

परिवार का कहना है कि पहचान को लेकर पहले भी कुछ संदेह था, लेकिन परिस्थितियों के कारण उन्होंने शव को गिरधर मान लिया था। अब वे चाहते हैं कि पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच करे और अज्ञात शव की वास्तविक पहचान सामने लाए।
पुलिस क्या कह रही है?
मसूरी थाना प्रभारी हरेंद्र मलिक के अनुसार, गिरधर सिंह बिष्ट से पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक बातचीत में उनकी मानसिक स्थिति सामान्य नहीं लग रही है।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान वह कभी खुद को इंटेलिजेंस अधिकारी बताते हैं तो कभी किसी वीआईपी व्यक्ति का नाम लेकर अपनी पहचान बताने लगते हैं। ऐसे में उनसे स्पष्ट जानकारी प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है।
अधिकारियों ने बताया कि जिस शव की पहचान गिरधर के रूप में की गई थी, उसकी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण डूबना बताया गया था। अब युवक के जीवित मिलने के बाद पूरे मामले की दोबारा जांच की जाएगी।
जांच के केंद्र में ये बड़े सवाल
- गंग नहर से मिला शव आखिर किस व्यक्ति का था?
- शव की पहचान में गलती कैसे हुई?
- गिरधर सिंह बिष्ट 21 मई से 25 जून तक कहां रहे?
- क्या पहचान प्रक्रिया में कोई चूक हुई?
- अज्ञात शव की वास्तविक पहचान कब सामने आएगी?
इलाके में चर्चा का विषय बना मामला
गाजियाबाद का यह मामला स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है। जिस युवक की मौत मानकर परिवार अंतिम संस्कार और तेरहवीं तक कर चुका था, उसका अचानक घर लौट आना कई सवाल खड़े कर रहा है।
अब पुलिस की दोबारा जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि गंग नहर से मिला शव किसका था और इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं।
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